हरियाणा की नायब सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट 10 इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) बनाने पर संकट के बादल हैं। इसकी वजह और कुछ नहीं बल्कि जमीन है। सरकार को पहले फेज में 4 जिलों में 6 नए आईएमटी बनाने के लिए 35,500 एकड़ जमीन चाहिए। इसके लिए सरकार ने किसानों को
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ई-भूमि पोर्टल पर जमीन ऑफर करने की 31 अगस्त 2025 तारीख रखी थी। इस दौरान पोर्टल पर 7 हजार एकड़ भूमि का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। यही नहीं, जींद, नूंह और पलवल में ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण के लिए विरोध भी शुरू कर दिया है। हालांकि सरकार का कहना है कि आईएमटी बनाने में कोई दिक्कत नहीं है।
सब सही चल रहा है। सरकार यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि किसानों की जमीन का जबरदस्ती अधिग्रहण नहीं होगा बल्कि निगोसिएशन से हल निकाला जाएगा। किसान अपनी मर्जी की रेट मांग सकते हैं। हालांकि उस इलाके के कलेक्टर रेट और बाजार कीमत के हिसाब से सरकारी अफसर बातचीत के जरिए मोलभाव करेंगे।

जानिए किस जिले में कहां IMT बनाने की योजना…
- अंबाला में 5 हजार एकड़ में दो आईएमटी बनेंगी : पहली आईएमटी के लिए अंबाला सिटी के खैरा, नग्गल व नडियाली इलाके के पास 2 हजार एकड़ जमीन की जरूरत है। वहीं दूसरी के लिए नारायणगढ़ में चेची माजरा, डेरा, हमीदपुर व टोका गांवों में 3 हजार एकड़ जमीन की जरूरत है। नारायणगढ़ में CM नायब सैनी का गांव मिर्जापुर-माजरा पड़ता है।
- जींद में 12 हजार एकड़ जमीन की जरूरत : जिले में बने दो नए एक्सप्रेस-वे 152-D और दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे के आसपास 12,000 एकड़ में प्रस्तावित यह IMT अब तक प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक-रिहायशी टाउनशिप होगी। इसके लिए अमरावली खेड़ा, ढाठरथ, जामनी, खरक गादियां, मांडी खुर्द, मोहम्मद खेड़ा, अलेवा, ढिल्लूवाला, हसनपुर, खांडा, नगूरां और गोहियां में जमीन चाहिए।
- रेवाड़ी में 5 हजार एकड़ में बनेगी IMT : रेवाड़ी में 5 हजार एकड़ में आईएमटी बनेगी। इसके लिए सरकार खेड़ा, आलमपुर, पहराजवास, पाल्हावास, रोहराई, रोझुवास, सैदपुर, शादीपुर, अहमदपुर पार्थल, शादीपुर, सुरखपुर टप्पा कोसली, कुतुबपुर जागीर, कुतुबपुर मौला गांवों में जमीन ढूंढ रही है। कोसली, पाल्हावास और रेवाड़ी तहसीलों को मिलाकर एक नई इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप बनेगी।
- फरीदाबाद-पलवल में होंगी दो IMT : फरीदाबाद में 2 IMT बनाने की योजना है। दोनों जगह करीब 13 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। पहली 4500 एकड़ में बनेगी। जिसमें खेड़ी कलां, नचोली, ताजपुर, धनकौला, शाहबाद, ताजापुर, बदरपुर सेद, साहुपुरा, सोताई, सुनपर, मलेरना, जाजरू, भैंसरावली, फतुपुरा, बुआपुर, जसाना, फरीदपुर, सदपुरा, तिगांव सेक्टर : 94ए, 96, 96, 97ए, 99, 100, 101, 102, 103, 140, 141 व 142 शामिल हैं। दूसरी IMT के लिए फरीदाबाद और पलवल में 9 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इनमें छैंसा, मोहीयापुर, मोहना, बागपुर कलां, बागपुर खुर्द, बहरौला, हंसपुर, सोलरा, थंथरी इलाके शामिल हैं। ये टाउनशिप जेवर एयरपोर्ट से जुड़ने वाले नेशनल हाईवे के किनारे होगी।

UP के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है।
आईएमटी को लेकर कब हुई घोषणा हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 11 अप्रैल, 2025 को घोषणा की थी कि प्रदेश के 10 जिलों में आईएमटी खरखौदा की तरह नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित की जाएंगी। यह घोषणा उद्योगों को बढ़ावा देने और ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को साकार करने के उद्देश्य से की गई है। अगस्त 2025 में, यह भी घोषणा की गई कि अंबाला, नारायणगढ़, जींद, रेवाड़ी और फरीदाबाद में भी आईएमटी स्थापित की जाएंगी।

HSIIDC कर रहा जमीनों की खरीद हरियाणा में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) के लिए भूमि आवेदन के लिए किसानों ने ई-भूमि पोर्टल (ebhoomi.jamabandi.com.nic.in) पर रजिस्ट्रेशन किया है। हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) इस पोर्टल के माध्यम से सरकार द्वारा चिह्नित क्षेत्रों में जमीन खरीद रहा है।
आईएमटी के खिलाफ धरना दे रहे किसान हरियाणा में आईएमटी का विरोध भी हो रहा है। किसान आईएमटी के खिलाफ धरना- प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें जींद सबसे आगे है। इसके अलावा फरीदाबाद में दो आईएमटी बनने हैं। इनके लिए नूंह और पलवल के आसपास भी जमीन अधिग्रहण होना है। यहां भी विरोध चल रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार आईएमटी के नाम पर किसानों को उनकी जमीनों से वंचित करने की साजिश रच रही है।
भूमि पोर्टल पर किसानों के आईएमटी के लिए जमीन देने की किसानों की सहमति खुद सरकार भर रही है। यह बहुत बड़ा धोखा है। इसकी जांच होनी चाहिए। किसान नेताओं ने कहा कि आज तक जितने किसानों की जमीनों का सरकार ने अधिग्रहण किया या नई भूमि अधिग्रहण पॉलिसी के तहत जमीन खरीदी, वह किसान बाद में कहीं के नहीं रहे।

सात दिन के लिए जापान जाएंगे मुख्यमंत्री उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि सिर्फ गुरुग्राम में 600 से अधिक जापानी कंपनियां सक्रिय हैं, जो राज्य में रोजगार और तकनीकी विकास का बड़ा स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 5 से 11 अक्टूबर तक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान दौरे पर जाएंगे।
इस दौरान मुख्यमंत्री जापानी निवेशकों से मुलाकात करेंगे और हरियाणा में निवेश के विभिन्न अवसरों को विस्तार से प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही वे जापान में आयोजित वैश्विक निवेशक प्रदर्शनी में हरियाणा पंडाल का दौरा करेंगे, जिससे निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया जा सके।
