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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, झालावाड़ में आंतरिक मूल्यांकन में अनुपस्थित छात्रों को अंतिम अवसर।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, झालावाड़ ने द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर इतिहास विषय के आंतरिक मूल्यांकन में अनुपस्थित रहे परीक्षार्थियों को अंतिम अवसर दिया है। यह जानकारी कॉलेज प्रिंसिपल राम कल्याण मीना ने दी।
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कोटा विश्वविद्यालय, कोटा के बीए और एमए के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर इतिहास विषय की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में नियमित और नॉन-कॉलेजिएट परीक्षार्थी बड़ी संख्या में अनुपस्थित रहे थे। छात्रों की अनुपस्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, स्नातकोत्तर द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर में जिन छात्र-छात्राओं ने प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा दी है, उन्हें सीबीसीएस के तहत चयनित विषय पर फाइल तैयार कर मौखिक परीक्षा के लिए महाविद्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य था। ये प्राइवेट परीक्षार्थी भी बड़ी संख्या में अनुपस्थित पाए गए।
इतिहास विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर इकबाल फातिमा ने बताया कि सभी संबंधित विद्यार्थी 14 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक महाविद्यालय में उपस्थित होकर अपनी आंतरिक मूल्यांकन की फाइल जमा करवाएं। उन्हें उपस्थिति पत्रक पर निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर भी करने होंगे।
महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अनुपस्थिति के कारण विश्वविद्यालय द्वारा किसी छात्र का परीक्षा परिणाम रोका जाता है या कोई अन्य हानि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थी की होगी। भविष्य में दोबारा परीक्षा का अवसर केवल पुनः परीक्षा शुल्क जमा करने पर ही मिलेगा।