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पूजा शकुन पांडेय को शनिवार को भरतपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है।
अभिषेक हत्याकांड की साजिश रचने वाली मुख्य आरोपी पूजा शकुन पांडेय को 15 दिन बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इन 15 दिन तक पूजा लगातार भागती ही रही। वह जहां पर भी मदद मांगने या रुकने के लिए पहुंची, लोगों ने उसे अपने पास रोकने से मना कर दिया।
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उत्तराखंड में भी वह कई आश्रम और पहले से ही परिचित लोगों के पास पहुंची थी। लेकिन उन्होंने भी उसे आश्रय देने से मना किया और सरेंडर करने की सलाह दी। उत्तराखंड के बाद पूजा राजस्थान पहुंची थी। पुलिस को उत्तराखंड से ही पूजा की लोकेशन मिल गई थी और पुलिस लगातार उसे ट्रैक कर रही थी। जिसके बाद उसे भरतपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
आगरा की बस में बैठी थी पूजा
अलीगढ़ पुलिस ने पूजा शकुन पांडेय को भरतपुर में आगरा-जयपुर हाईवे पर आगरा आने वाली बस से गिरफ्तार किया था। पुलिस को पूजा के राजस्थान में होने की लोकेशन मिली थी। जिसके बाद पुलिस टीमें भरतपुर जिले के आगरा-जयपुर मार्ग पर 1 किलोमीटर पहले सेवर रेलवे ब्रिज के पास बसों की जांच कर रही थी।
टोल से पहले पुलिस ने आगरा की ओर आने वाली बस को रोककर जब उसकी जांच की तो उसमें पूजा शकुन पांडेय मिल गई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। पहले पुलिस पूजा को महिला थाने लेकर आई थी। यहां पूछताछ करने के बाद उसे रोरावर थाने ले जाया गया। जब पूजा ने कुछ भी नहीं बताया तो उसे कोर्ट में पेश किया गया।
अभिषेक की हत्या के बाद हो गई थी फरार
पूजा शकुन पांडेय घटना के दिन से ही फरार चल थी। 26 सितंबर की रात 9:30 बजे हाथरस के सिकंदराराउ के गांव कचौरा निवासी अभिषेक गुप्ता की सारसौल चौराहे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी खैर में टीवीएस बाइक का शोरूम था और वह अपने पिता व चचेरे भाई के साथ बस में सवार हो रहे थे।
तभी बाइक सवार शूटरों ने पीछे से अभिषेक को गोली मारी थी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। जेएन मेडिकल कालेज में डॉक्टर ने अभिषेक को मृत घोषित कर दिया था। घटना के बाद परिवार ने सीधा आरोप पूजा शकुन पांडेय और उसके पति अशोक पांडेय पर लगाए थे। जिसके बाद पूजा शकुन पांडेय अलीगढ़ से गायब हो गई थी।
बुर्का पहनकर पहुंची थी गाजियाबाद
घटना के दिन जैसे ही पूजा को सूचना मिली कि पुलिस ने अशोक पांडेय को हिरासत में ले लिया है, तो उसने अपने परिचित व्यक्ति से संपर्क किया था। संघ से संबंध रखने वाले इसी व्यक्ति ने पूजा शकुन पांडेय को अलीगढ़ से निकालने के लिए अपने रिश्तेदार की टैक्सी बुलाई थी।
अलीगढ़ से भागन के लिए पूजा ने बुर्का पहना था, जो इसी व्यक्ति ने मंगवाया था। फिर पूजा टैक्सी से सीधे गाजियाबाद पहुंची थी। टैक्सी ड्राइवर से पूछताछ करने पर पुलिस को सारी जानकारी मिली थी। उसने ही बताया था कि अपने रिश्तेदार के कहने पर उसने पूजा को गाजियाबाद छोड़ा था।
गुरु ने शरण देने से किया था मना
पूजा गाजियाबाद में सीधा डासना पीठ के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद के पास गई थी। वह उन्हें अपना गुरु कहती थी, जिसके चलते उनके पास शरण लेने के लिए पहुंची थी। लेकिन उन्होंने पूजा को अपने पास या आश्रम में शरण देने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद वह उत्तराखंड के लिए निकल गई। पूजा को उत्तराखंड पहुंचाने में डासना पीठ के ही एक व्यक्ति ने मदद की थी, जिसके बाद में पुलिस को पता चला था। यति नरसिंहानंद ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने पूजा को शरण नहीं दी, जिसके बाद उनके आश्रम का व्यक्ति उन्हें उत्तराखंड पहुंचाकर आया। जिसके बाद उन्होंने उसे भी आश्रम में नहीं आने दिया।
भटकती रही पूजा, नहीं मिला आश्रय
हत्याकांड के बाद पूजा लगातार भटकती रही। उसे उत्तराखंड में भी निराशा ही हाथ आई और उसके हर परिचित ने उसे शरण देने से मना कर दिया। जिसके बाद वह राजस्थान आई थी। वहीं दूसरी ओर पुलिस लगातार उसे ट्रैस कर रही थी और उसकी लोकेशन भी मिल गई थी।
पुलिस उत्तराखंड से ही पूजा की लोकेशन ट्रैस करने लगी थी और राजस्थान तक पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस को शनिवार को सफलता मिली। पुलिस आने जाने वाली हर एक बस और वाहन की जांच कर रही थी। जैसे ही पुलिस ने पूजा को आगरा आने वाली बस में देखा, उसे गिरफ्तार कर लिया।
अलीगढ़ आकर सरेंडर करने की थी प्लानिंग
पूजा शकुन ने पुलिस की पूछताछ में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि वह कोर्ट में अपने वकील के जरिए बयान दर्ज कराएगी। लेकिन पूजा को कही पर भी आश्रय नहीं मिला और उसके पास छिपने की कोई जगह भी नहीं थी। वह जहां भी गई, उसे लोगों ने लौटा दिया।
इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि वह अलीगढ़ आकर सरेंडर करने वाली थी। इसीलिए वह आगरा की बस में सवार हुई थी। पूजा के एडवोकेट ने पहले अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। जिसे बाद में वापस ले लिया गया था। वापस लौटने के बाद पूजा अपने वकील से संपर्क करती और कोर्ट में सरेंडर की याचिका लगाती। लेकिन इससे पहले ही वह दबोच ली गई।
5 टीमों ने खंगाले उत्तराखंड तक के कैमरे
पुलिस को जब पूजा के गाजियाबाद जाने की सूचना मिली तो पुलिस डासना पीठ पहुंच गई। जिसके बाद पूजा के उत्तराखंड जाने की जानकारी हुई। पुलिस की 5 टीमें उसकी जांच में जुट गई और एक टीम को उत्तराखंड भेजा गया। यहां पुलिस ने उत्तराखंड के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले।
लगातार कई दिनों तक सीसीटीवी खंगालने के बाद सर्विलांस टीम को पूजा की लोकेशन हरिद्वार की मिली। जिसके बाद टीम हरिद्वार पहुंच गई, लेकिन इससे पहले ही पूजा वहां से रवाना होकर राजस्थान आ गई। पुलिस टीमें लगातार उसे ट्रेस कर रही थी और आखिर में उसे दबोच लिया गया।
50 हजार का हो गया था ईनाम
हत्या के आरोप में वांछित चल रही पूजा शकुन पांडेय की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी अलीगढ़ ने 3 अक्टूबर को 25 हजार का ईनाम घोषित किया था। जिसके बाद 4 अक्टूबर को उसके खिलाफ कोर्ट से NBW वारंट जारी हो गए हैं। NBW के बाद धारा 82 की कार्रवाई की जानी थी, जिससे उसकी संपत्ति जब्त की जा सके। इसी बीच पुलिस ने पूजा के ऊपर रखी गई ईनाम की राशि को बढ़ाकर 50 हजार कर दिया था।
महामंडलेश्वर का पद हो चुका है समाप्त
बाइक शोरूम मालिक की हत्या में मुख्य आरोपी पूजा शकुन पांडेय साध्वी थी और उनके पास महामंडलेश्वर का पद था। वह निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर थी और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में आगे रहती थी। लेकिन हाई प्रोफाइल मामला होने के बाद संत समाज में भी उनके प्रति निराशा है।
जिसके बाद पूजा शकुन पांडेय का पद भी समाप्त किया जा चुका है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज की ओर से उनका पद समाप्त किया जा चुका है और घोषणा की गई थी कि आजीवन अब उन्हें कभी अखाड़े में शामिल नहीं किया जाएगा।
मृतक के साथ अवैध संबंध के हैं आरोप
अभिषेक की हत्या के बाद उसके पिता नीरज गुप्ता और भाई ने रुपए के लेनदेन का आरोप लगाते हुए हत्या का आरोप लगाया था। लेकिन बाद में मृतक के पिता नीरज गुप्ता ने सारी घटना का खुलासा करते हुए कहा कि आरोपी महामंडलेश्वर के उनके बेटे के साथ अवैध संबंध थे।
आरोपी ने पहले प्रेम संबंध बनाए और फिर बाद में शादी का दबाव बनाने लगी। जब उनके बेटे ने आरोपी से दूरी बनाई तो वह बौखला उठी और बार-बार बाइक एजेंसी में पार्टनरशिप का दबाव बना रही थी। जिससे दोनों का मेलजोल बना रहे। जब अभिषेक ने उनकी बात नहीं सुनी तो आरोपी ने हत्या करा दी।
हत्याकांड के सभी आरोपी पहुंचे जेल
अभिषेक हत्याकांड में नामजद रही पूजा शकुन को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने सबसे पहले उनके पति अशोक पांडेय को गिरफ्तार करके 28 सितंबर को ही जेल भेज दिया था। इसके बाद 1 अक्टूबर को पुलिस ने हत्या की डील कराने वाले आरोपी फजल को गिरफ्तार किया था। वहीं 3 अक्टूबर को गोली मारने वाले आरोपी आसिफ को भी गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है।
जल्द से जल्द पेश की जाएगी चार्जशीट
एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि हत्याकांड में फरार चल रही मुख्य साजिशकर्ता पूजा शकुन पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। अब जांच को जल्द से जल्द पूरा करके मजबूत चार्जशीट तैयार की जाएगी, जिससे आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।