Varanasi sarees in demand at Khadi Village Industries Exhibition in Jhansi | झांसी में खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में वाराणसी साड़ी की डिमांड: प्रतापगढ़ के आंवले की बर्फी और गुड़ का मुरब्बा भी पसंद कर रहे लोग – Jhansi News

Actionpunjab
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झांसी के मुक्ताकाशी मंच मैदान में खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी शुरू हो गई है। यहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए ग्रह उद्योग उत्पादों के बीच प्रतापगढ़ का आंवला और वाराणसी की साड़ियां मेले में आने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।

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इस बार की प्रदर्शनी में खास बात ये है कि अब ग्रह उद्योग करने वाले भी कॉम्पिटिशन में शामिल हैं। इसका कारण पारंपरिक उत्पादों के अलावा यहां पावरलूम से निर्मित कपड़ा भी है।

प्रतापगढ़ से आया गुड़ से बना आंवले का मुरब्बा।

प्रतापगढ़ से आया गुड़ से बना आंवले का मुरब्बा।

आयुर्वेदिक दवाओं पर ज़्यादा भरोसा कर रहे लोग।

आयुर्वेदिक दवाओं पर ज़्यादा भरोसा कर रहे लोग।

मुक्ताकाशी मंच (महाराजा गंगाधर राव कला मंच) मैदान में लगने वाली खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी 18 अक्टूबर तक चलेगी। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग द्वारा प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसमें इस बार लगभग 45 स्टॉल लगाए गए हैं।

जहां रानीपुर हैंडलूम, पावरलूम से तैयार पेंट, शर्ट, कुर्ता-पैजामा, वाराणसी की इम्ब्रॉइडरी वाली बनारसी साड़ी, प्रतापगढ़ का प्रसिद्ध मुरब्बा उत्पाद, लखनऊ से आए आयुर्वेदिक उत्पाद समेत सरकारी सहायता से शुरू किए गए दूसरे उत्पाद भी शामिल हैं।

विक्रेता बोले-प्रदर्शनी में ही बिकता है माल

हाथ और पारंपरिक उपकरणों से तैयार किए गए कपड़े की डिमांड बाजार में बिकने वाले और मशीन से तैयार कपड़े के मुकाबले कम है। रानीपुर से आए मनोहर लाल ने बताया कि हमारे हैंडलूम की क्वालिटी पावरलूम से बेतहर है।

लेकिन, दुकानदार और ग्राहक इसे ज़्यादा नहीं रखते। कहा कि कीमत भी नहीं मिल पाती। ऐसे में प्रदर्शनी में ही माल बेचते हैं। जबतक प्रदर्शनी चल रही है, हम भी कोशिश करते रहते हैं कि हैंडलूम बचा रहे।

प्रतापगढ़ से आई आंवले की बर्फी

खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में प्रतापगढ़ से आए प्रमोद कुमार मिश्रा आंवले के उत्पाद बनाते हैं। उन्होंने बताया कि वह बाजार में खुद को स्थापित करने के लिए आंवले के नए-नए उत्पाद बना रहे हैं। उनके पास आंवले से बनी बर्फी, लाडू और ऐसे ही कई उत्पाद हैं। वह कहते हैं कि लोगों का रुझान तो इस तरफ है लेकिन, उत्पादों की सही कीमत मिलना मुश्किल होता है।

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