BSP के कार्यकर्ता प्रर्दशन समय भाजपा और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए।
हरियाणा IPS अधिकारी की संदिग्ध मौत पर BSP का रोष प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन — BJP व पंजाब सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
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जालंधर।हरियाणा के IPS अधिकारी की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने सोमवार को जालंधर डीसी ऑफिस के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान BSP नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। बीएसपी के पंजाब महा सचिव बलविंदर कुमार ने कहा कि आईपीएस अधिकारी की मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई है, और इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा भाजपा सरकार दलित विरोधी सरकार है।
इस मामले देरी का मतलब भाजपा के मुख्यमंत्री सैनी की नीयत में खोट है नेताओं ने मांग की कि राज्य के DGP के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने बताया आज सिर्फ शांत मई प्रदर्शन है लेकिन आने वाले दिनों में यह प्रदर्शन उग्र होगा।
उन्होंने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में जंगल राज चल रहा है। उन्होंने एसएसपी देहाती पर आरोप लगाते हुए उनकी तरफ से भी लोगों के साथ धक्का किया जा रहा है। उन्होंने कहा देहात इलाके फिलौर एक एसएचओ भूषण कुमार पहले विवादों है उसके खिलाफ भी कार्रवाई महिला आयोग के दखल के बाद ही हुई। अगर महिला आयोग दखल न देता तो एसएचओ पर भी कार्रवाई नहीं होनी था।

जालंधर कैंट के विधायक प्रगट सिंह की ओर से डाली पोस्ट।
जालंधर कैंट के विधायक प्रगट सिंह ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा
जालंधर कैंट के विधायक प्रगट सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर सरकार को बेअदबी के केसों पर कार्रवाई के नाम पर पंजाब में सत्ता में आई आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। बेअदबी केसों में इंसाफ को लेकर कांग्रेस नेता परगट सिंह ने पंजाब सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन केसों में कांग्रेस सरकार के समय जांच आगे बढ़ी थी, उन्हीं केसों में आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परगट सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि “दुर्भाग्य है कि बेअदबी केसों में नामजद डेरा मुखी और अन्य आरोपियों की पहचान सबके सामने होने के बावजूद भी न्याय नहीं मिला।” उन्होंने कहा कि इन मामलों में देरी ने लोगों के मन में सरकार के प्रति अविश्वास पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारें ‘नामों’ से नहीं, इंसाफ देने की ‘पहचान’ से जानी जाती हैं। अगर आज भी दोषियों को सजा नहीं मिली तो यह आम लोगों के विश्वास पर बड़ा आघात होगा। परगट सिंह ने आगे लिखा कि सुप्रीम कोर्ट में भी इन मामलों की सुनवाई चल रही है, लेकिन राज्य सरकार को चाहिए कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी हो और न्याय के लिए केंद्र से सख्त कार्रवाई की मांग करे।