पाली के सराफा बाजार में दीपावली को लेकर शॉप में सोमवार देर शाम को शुभ मुहूर्त में माता महालक्ष्मी का पूजन करते हुए शहरवासी।
पाली शहर में सोमवार शाम को शुभ मुहूर्त में शहरवासियों ने माता महालक्ष्मी का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। उसके बाद जमकर आतिशबाजी कर खुशी जताई। शहर के महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लम्बी कतार देखने को मिली। दीपावली पर्व को लेकर श
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पाली में आतिशबाजी करते शहरवासी।

पाली में दीपावली को लेकर शॉप में पूजन करते एक परिवार
बता दें कि भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व भगवान हनुमान के साथ चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में दीपोत्सव मनाया जाता है। पाली में सुबह घरों में रंगोलियां सजाई गई। घरों के मुख्य गेट पर महिलाओं ने बांदरवाल लगाए गए, रंगोली बनाई। गोधूलि वेला पर परिजनों के साथ नए वस्त्र पहनकर बाजोट पर स्वास्तिक बनाया और उस पर लाल कपड़ा बिछाकर माता लक्ष्मी, भगवान गजानन, माता सरस्वती का विधि-विधान से पूजन कर परिवार की खुशहाली की कामना की।

पटाखों की रोशनी से जगमगाया आसमान माता लक्ष्मी के पूजन के बाद बड़ों से लेकर बच्चों ने पटाखे फोड़े, रंग बिरंगी फुलझड़ियां जलाई। आसमां रॉकेट व सतरंगी पटाखों की रोशनी हो उठा। देर रात तक शहर में आतिशबाजी का शोर सुनाई दिया। इस बार शहरवासी रोशनी करने वाले ग्रीन पटाखे जलाते नजर आए। तेज आवाज वाले पटाखों का शोर इस बार कुछ कम सुनाई दिया।
बाजारों में रही रौनक दीपोत्सव को लेकर सुबह से ही बाजारों में रौनक रही। लोगों ने पूजन के लिए सामग्री खरीदी। माता लक्ष्मी को अर्पित करने के लिए कमल के फूल, पुष्प आदि खरीदे। कई लोग घरों में सजावट के लिए सामग्री खरीदकर लाए। कई लोगों ने चांदी के सिक्के, चांदी के नोट भी खरीदे। खास कर मिठाई, नमकीन, पटाखे, कपड़ों की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली।
कल 21 अक्टूबर को मनाएंगे रामा-श्यामा कल यानि 21 अक्टूबर को शहरवासी अपने रिश्तेदारों और परिचितों के घर जाकर उन्हें दीपावली की शुभकामना देंगे। एक-दूजे का मुंह मिठाई से मीठा करवाएंगे। मिलने मिलाने का यह दौर सुबह से लेकर शाम देर शाम तक चलता रहेगा।