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मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलेगी।वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद, जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अंजलि राजोरिया ने एनआईसी कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक की और आगे के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों की छपाई का कार्य होगा। 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण करेंगे। मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) 9 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया जाएगा।
दावे और आपत्तियां 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक प्राप्त की जाएंगी। 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण रहेगा, जिसमें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सुनवाई और सत्यापन का कार्य करेंगे। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजस्थान में एसआईआर की घोषणा की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के तहत, बीएलओ 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और उन्हें भरवाकर वापस लेंगे। इस अवधि में प्रत्येक बीएलओ को मतदाताओं से तीन बार संपर्क करना होगा।
गणना प्रपत्र भरते समय मतदाताओं को किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। एनआईसी कक्ष में हुई बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी विजयेश कुमार पंड्या, ईआरओ प्रतापगढ़/धरियावद, समस्त एईआरओ विधानसभा प्रतापगढ़/धरियावद, जिला स्तरीय अधिकारीगण और निर्वाचन शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।