Netherlands Election Exit Poll Results; Rob Jetten | Centrist D66 Party | नीदरलैंड्स के PM बन सकते हैं समलैंगिक रॉब जेटन: अर्जेंटीना के इंटरनेशनल प्लेयर से रिश्ता; नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले गीर्ट वाइल्डर्स हार सकते हैं

Actionpunjab
5 Min Read


एम्सटर्डम4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
रॉब जेटन की उम्र 38 साल है, वे देश के सबसे युवा पीएम बन सकते हैं। - Dainik Bhaskar

रॉब जेटन की उम्र 38 साल है, वे देश के सबसे युवा पीएम बन सकते हैं।

नीदरलैंड्स में सेंट्रिस्ट लिबरल ‘डेमोक्रेट्स 66 पार्टी’ (D66) के नेता रॉब जेटन अगले पीएम बन सकते हैं। एग्जिट पोल्स के मुताबिक, उनकी पार्टी को करीब 30 सीटें मिल सकती हैं, जो कट्टर दक्षिणपंथी नेता गीर्ट वाइल्डर्स की पार्टी ‘फॉर फ्रीडम’ (PVV) के बराबर है।

अगर यह एग्जिट पोल असल आंकड़ों में बदलते हैं तो 38 साल के रॉब देश के सबसे युवा और पहले ओपनली गे (खुले तौर पर समलैंगिक) पीएम भी बनेंगे। जेटन की अगले साल उनके मंगेतर निकोलस कीनन से शादी होने वाली है। निकोलस अर्जेंटीना की पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी हैं।

यह रिजल्ट गीर्ट वाइल्डर्स के लिए बड़ा झटका होगा। उन्होंने अपना चुनावी कैंपेन मुस्लिम अप्रवासियों, समलैंगिकों और जलवायु परिवर्तन की नीतियों के खिलाफ चलाया था। 2022 में नूपुर शर्मा ने जब पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान दिया था, तब गीर्ट वाइल्डर्स ने खुलकर उनका समर्थन किया था।

टिकटॉक वीडियो वायरल हुआ तो फेमस हुए

साल 2021 में, जेटन और उनके एक साथी डच राजनेता के बीच का एक ब्रोमांस वाला ट्रेडिंग वीडियो टिकटॉक पर बहुत वायरल हुआ था। इसमें दोनों नेता एक दूसरे के साथ मस्ती करते, हंसते और डांस करते दिखे थे।

वीडियो वायरल होने के बाद रॉब जेटन युवाओं के बीच मशहूर हो गए। उसी दौरान जेटन की मुलाकात हॉकी प्लेयर निकोलस कीनन से हुई। कीनन अर्जेंटीना की नेशनल टीम में खेलने के अलावा यूरोपीय लीग में भी खेलते हैं।

कीनन ने एक सुपरमार्केट में जेटन को पहचान लिया और वहीं से बातचीत शुरू हुई। जेटन ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें नहीं पता था कि एक टिकटॉक ट्रेंड से उनकी जिंदगी इतनी बदल जाएगी। पिछले साल नवंबर 2024 में दोनों की सगाई हुई।

रॉब जेटन (बाएं) अपने मंगेतर निकोलस कीनन (दाएं) के साथ।

रॉब जेटन (बाएं) अपने मंगेतर निकोलस कीनन (दाएं) के साथ।

जेटन ने पॉजिटिव कैंपेनिंग पर जोर दिया था

जेटन ने अपने चुनावी कैंपेन में पॉजिटिव मैसेजिंग पर जोर दिया था। उनका इलेक्शन स्लोगन ‘हां, हम कर सकते हैं’ (Yes, we can) काफी फेमस हुआ था। उन्होंने आवास संकट, हेल्थकेयर खर्च, माइग्रेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर फोकस किया।

जेटन ने कहा- हमने दिखा दिया कि पॉपुलिस्ट और एक्सट्रीम-राइट को हराना संभव है। लाखों डच लोगों ने नेगेटिव पॉलिटिक्स को नकार दिया और आगे बढ़ने का रास्ता चुना।

आवास संकट से निपटने के लिए जेटन ने 10 नए शहर बनाने, हर साल 2 अरब यूरो खर्च करने और 1 लाख घर बनाने का वादा किया है।

रॉब जेटन ने इलेक्शन कैंपेन में 'यस वी केन' का नारा दिया था।

रॉब जेटन ने इलेक्शन कैंपेन में ‘यस वी केन’ का नारा दिया था।

जेटन ने 2017 में राजनीतिक करियर की शुरुआत की

रॉब जेटन का जन्म 1987 में हुआ था। वे D66 पार्टी के लीडर हैं, जो प्रोग्रेसिव और लिबरल विचारों वाली पार्टी है। जेटन ने अपनी राजनीतिक शुरुआत 2017 में सांसद बनकर की। 2022 से 2024 तक वे जलवायु और ऊर्जा मंत्री रहे। जनवरी 2024 से जुलाई 2024 तक डिप्टी पीएम भी रहे।

पहले उन्हें ‘रोबोट जेटन’ कहा जाता था क्योंकि वे कैमरे के सामने बोलने में थोड़े अटकने लगते थे, लेकिन इस बार उन्होंने इमेज चेंज की और लोगों से कनेक्ट किया। 2023 के पिछले चुनाव में D66 को सिर्फ 9 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार जेटन ने पार्टी को नए सिरे संगठित किया।

उन्होंने विल्डर्स पर ‘डच पहचान को हाईजैक करने’ का आरोप लगाया। अब गठबंधन बनाने की प्रोसेस शुरू होगी। जेटन ने कहा कि वे एक मजबूत और स्थिर गठबंधन बनाएंगे, जिसमें सेंटर-लेफ्ट से राइट विंग पार्टियां भी शामिल होंगी।

जेटन ने समर्थकों से कहा है कि हम बड़े सपने देखेंगे और बड़े कदम उठाएंगे। नीदरलैंड्स फिर से आगे बढ़ेगा। वहीं वाइल्डर्स ने कहा कि वे D66 को पीएम बनाने से रोकने की पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि ज्यादातर पार्टियां PVV के साथ गठबंधन से इनकार कर चुकी हैं।

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *