शशि कांत तिवारी | गाजीपुर5 मिनट पहले
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गाजीपुर पुलिस साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने बताया कि साइबर अपराधी अब नए और चालाकी भरे तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग, टैक्स कोड, संदिग्ध लिंक या रिवॉर्ड के लालच में लोगों को ठगा जा रहा है। एसपी सिटी ने कहा कि ऐसे में आम जनता को जागरूक करना ही सबसे प्रभावी तरीका है। प्रसाद ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है और तुरंत शिकायत करता है, तो 24 घंटे के भीतर संबंधित बैंक खाते को फ्रीज़ कर पैसे वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
एसपी सिटी ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ नामक एक नए धोखाधड़ी के तरीके पर विशेष रूप से आगाह किया। उन्होंने बताया कि इसमें ठग व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर खुद को सरकारी एजेंसी या पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और पैसे ऐंठ लेते हैं।
ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने स्पष्ट किया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई शब्द या प्रक्रिया मौजूद नहीं है। उन्होंने लोगों से ऐसे कॉल आने पर बिल्कुल न डरने और तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील की। उन्होंने साइबर सुरक्षा का मंत्र देते हुए कहा कि ओटीपी, बैंक विवरण या किसी भी संदिग्ध लिंक को किसी के साथ साझा न करें।
एसपी सिटी ने लोगों से किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर सतर्क रहने, उसकी जांच करने और पुष्टि करने के बाद ही भरोसा करने का आग्रह किया। ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने जोर देकर कहा कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे मजबूत उपाय है।