कार्यक्रम का उद्घाटन एमएनआईटी के निदेशक प्रो. एन. पी. पाढ़ी ने किया।
मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब संस्थान की करीब 70 प्रतिशत बिजली की जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी की जा रही है।
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एमएनआईटी ने अपने परिसर में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 2 मेगावाट (MWp) कर लिया है। इसके तहत प्रभा भवन, इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की पार्किंग, विनोदिनी हॉस्टल से औरोबिंदो हॉस्टल तक के रास्ते और अन्य इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं।
नए सोलर पैनल लगने के बाद एमएनआईटी की बिजली खर्च में बड़ी कमी आई है। साथ ही, इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले कार्बन फुटप्रिंट यानी प्रदूषण के प्रभाव में भी कमी आई है।

नए सोलर पैनल लगने के बाद एमएनआईटी की बिजली खर्च में बड़ी कमी आई है।
कार्यक्रम का उद्घाटन एमएनआईटी के निदेशक प्रो. एन. पी. पाढ़ी ने किया। इस मौके पर डीन प्रो. रोहित गोयल, अन्य अधिकारी, शिक्षक, छात्र और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रो. पाढ़ी ने कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार एमएनआईटी की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें नवाचार और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना है।
कार्यक्रम के अंत में सौर ऊर्जा से जुड़ी नई व्यवस्थाओं का दौरा किया गया और परियोजना टीमों के साथ बातचीत की गई।
क्या है फायदा:
- 70% बिजली अब सूरज की रोशनी से बन रही है।
- कैंपस का बिजली बिल कम हुआ है।
- प्रदूषण घटा और पर्यावरण को लाभ मिला।
- एमएनआईटी नेट-जीरो यानी पूरी तरह पर्यावरण संतुलित कैंपस बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।