सत्यम पांडे | भदोही (संत रविदास नगर)3 मिनट पहले
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गोपीगंज क्षेत्र के कवलापुर गांव स्थित पांडव कालीन बाबा पांडवानाथ मंदिर परिसर में बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर दमा, श्वास और मिर्गी की निशुल्क दवा पिलाई गई। इस दौरान जनपद सहित अन्य जिलों से आए करीब 20 से 30 हजार लोगों ने दवा का सेवन किया।
यह परंपरा बाबा पांडवानाथ मंदिर परिसर में सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में पूरी रात भजन-कीर्तन होता है। भोर से ही दवा पिलाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। दूर-दराज से आने वाले लोग रात में ही मंदिर परिसर पहुंच जाते हैं।

मंदिर में दवा पीने के लिए भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे।

यही दवा पिलाई जाती है।

मंदिर के संत लोगों को दवा पिलाते हैं।
यह दवा पूरी तरह से मंदिर समिति द्वारा निशुल्क पिलाई जाती है। रोगियों को अपने घर से गाय का दूध लाना होता है, जिसमें मंदिर समिति एवं वैद्य द्वारा दवा मिलाकर दी जाती है। मान्यता है कि लगातार पांच कार्तिक पूर्णिमा पर इस दवा का सेवन करने से मिर्गी, श्वास और दमा से पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है।
दवा वितरण के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए मंदिर समिति द्वारा बैरिकेडिंग की जाती है। ऑनलाइन लगाकर लोगों को एक-एक करके दवा दी जाती है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कन्हैयालाल तिवारी, अश्वनी चतुर्वेदी, विनोद मिश्रा, अभय आनंद पांडे, नागेश मिश्रा, खुशबू मिश्रा, धर्मेंद्र मिश्रा, दिलीप पांडे सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक तैनात रहते हैं।