आपने गौर किया होगा कई बार कार–बाइक के फ्यूल टैंक से पानी निकलता है।
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क्या इसका मतलब ये है कि पेट्रोल में पानी की मिलावट है?
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन सीरीज के पहले पार्ट में भास्कर ने खुलासा किया था कि किस तरह गैंग हाईवे पर टैंकर लूटकर पेट्रोल की जगह थिनर-केरोसिन भर देते हैं। अब दूसरे पार्ट में पढ़िए आपकी कार-बाइक का पेट्रोल कैसे पानी बन जाता है? कैसे एक भी बूंद पानी इंजन के लिए जहर बन जाता है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर ने रियलिटी चैक किया।

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संदीप बगोरिया के साथ मिलकर ये रियलिटी चैक किया।
पहले समझिए पेट्रोल, एथेनॉल और पानी की केमिस्ट्री
पंप पर सप्लाई होने वाले पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिक्स होता है। एथेनॉल ऐसा केमिकल है, जो पानी के सम्पर्क में आने पर पेट्रोल को भी पानी बना देता है।
कई बार गाड़ियों को धोते समय या बारिश के दौरान पानी फ्यूल टैंक में चला जाता है। ये पानी एथेनॉल के सम्पर्क में आने पर पेट्रोल में पानी की मात्रा बढ़ा देता है।
वहीं दूसरी तरफ मिलावट करने वाले माफिया भी पेट्रोल की मात्रा बढ़ाने के लिए एथेनॉल, थिनर और सॉल्वेंट जैसे केमिकल यूज करते है। डीजल में बायो डीजल और केरोसिन मिक्स करते हैं। इससे गाड़ियों के इंजन सीज तक होने का खतरा होता है।
अब रियलिटी चैक : एथेनॉल से मिलते ही 20 एमएल पानी 75 एमएल बन गया

300 एमएल पेट्रोल में 20 एमएल पानी डाला गया।
एथेनॉल और पानी के मिश्रण का असर समझने के लिए भास्कर ने जयपुर के वैशाली नगर स्थित दाता फिलिंग स्टेशन पर राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसियेशन के कोषाध्यक्ष संदीप बगोरिया के मौजूदगी में रियलिटी चैक किया…
- 300 मिलीलीटर पेट्रोल में 20 मिलीलीटर पानी डाला गया।
- जैसे ही पानी पेट्रोल में मिक्स एथेनॉल के संपर्क में आया पानी की मात्रा बढ़ गई।
- 20 एमएल पानी बढ़कर 75 एमएल हो गया।

डालने के कुछ देर बाद ही पानी की मात्रा 20 से बढ़कर 75 एमएल पहुंच गई।

पेट्रोल में मिक्स होने वाला एथेनॉल क्या है
पेट्रोल में पहले से 20 प्रतिशत एथेनॉल मिक्स होता है। ऐसे बारिश या सर्विस कराने के दौरान पेट्रोल में पानी जाने पर पानी और एथेनॉल आपस में मिक्स हो जाते है। एथेनॉल के पानी में घुलने के बाद पेट्रोल में पानी की मात्रा डबल हो जाती है।
एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है। यह एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फरमेंटेशन से बनाया जाता है। इसमें स्टार्च को मक्का, सड़े आलू, कसावा और सब्जियों के फरमेंटेशन से तैयार किया जाता है। शुगर का फरमेंटेशन गन्ने के रस से करते हैं। दोनों के फरमेंटेशन से एथेनॉल तैयार किया जाता है।

वर्ष 2014 से देश में एथेनॉल की शुरुआत हुई थी
देश में सरकार ने वर्ष 2014 से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की शुरुआत की थी। उस दौरान पेट्रोल में सिर्फ 1.5 प्रतिशत एथेनॉल मिक्स किया जाता था। वर्ष 2022 में इसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया। इसी साल अप्रैल महीने से सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा को 10 से बढ़ाकर अब 20 प्रतिशत कर दिया है। पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल को E-20 (20% एथेनॉल + 80% पेट्रोल) कहते है। एक लीटर पेट्रोल में 800 मिलीलीटर पेट्रोल और 200 मिली लीटर एथेनॉल होता है। वहीं डीजल में 7 प्रतिशत बायो डीजल मिक्स होता है।

सबसे पहले ब्राजील ने की थी पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स करने की शुरुआत
ब्राजील ने दुनिया में सबसे पहले पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स करने की शुरुआत की थी। वर्ष 1970 में ऑयल क्राइसिस के कारण एथेनॉल मिले पेट्रोल की सप्लाई स्टार्ट की थी। इसका मकसद देश की पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता को कम करना और शुगरकेन (गन्ने) की खेती से किसानों को फायदा पहुंचाना था। ब्राजील में भी भारत की तरह पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 10 से 25 प्रतिशत रखी गई थी। ब्राजील में अब 80 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल पेट्रोल में मिक्स किया जाता है।
अमेरिका एथेनॉल का सबसे बड़ा उत्पादन करना वाला देश
ब्राजील की तरह अमेरिका ने भी 20वीं सदी की शुरुआत में एथेनॉल वाले पेट्रोल की शुरुआत की। अमेरिका में मक्का से एथेनॉल बनाया गया। इसके बाद अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन और एक्सपोर्ट करने वाला देश बन गया।
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