कबड्डी खिलाड़ी गुरविंदर का पोस्टर हाथ में लेकर इंसाफ मांगती महिलाएं।
लुधियाना के समराला में गांव मानकी के गुरविंदर सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। ग्रामीणों ने समराला में प्रदर्शन कर कबड्डी खिलाड़ी गुरविंदर सिंह के लिए इंसाफ मांगा। ग्रामीण धरने में हाथों पर कबड्डी खिलाड़ी को इंसाफ दो के स्लोगन लिखकर लाए थे।
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वहीं खन्ना की एसएसपी ज्योति यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह रही थी कि गुरविंदर कबड्डी खिलाड़ी नहीं था, उसके गांव जाकर पूछ लो, वह कबूतर पालने का शौकीन था। अब सवाल यह उठता है कि गुरविंदर कबड्डी खिलाड़ी नहीं था तो उसके गांव के लोग कबड्डी खिलाड़ी को इंसाफ दो के स्लोगन लिखकर क्यों लाए?
अगर वो कबड्डी खिलाड़ी था तो पुलिस इससे इनकार क्यों कर रही है? गुरविंदर सिंह के परिजन शुरू से कह रहे हैं कि उनका बेटा ग्रामीण स्तर पर होने वाले कबड्डी टूर्नामेंटों में खेलता था। उसे कबूतर पालने का शौक जरूर है और उसने कबूतर पाले भी हुए हैं।

गांव के लोग कबड्डी खिलाड़ी का पोस्टर लेकर खड़े।
आज 12 बजे तक नहीं दिया पॉजिटिव रिस्पोंस तो फिर लगाएंगे धरना
हत्या के बाद पुलिस ने उसका शव सिविल अस्पताल समराला में रख दिया था। परिजनों ने पुलिस को साफ कह दिया था कि जब तक हत्यारे नहीं पकड़े जाएंगे तब तक वो संस्कार नहीं करेंगे। बुधवार को ग्रामीणों ने समराला में धरना दिया।
पुलिस ने ग्रामीणों को 24 घंटे का समय दिया था जिसकी समय सीमा आज दिन में 12 बजे खत्म हो जाएगी। परिजनों ने साफ कर दिया कि अगर 12 बजे तक पुलिस ने कोई रिस्पोंस नहीं दिया तो वो फिर से धरना लगाने को मजबूर हो जाएंगे।
आरोपियों को पकड़ने के लिए अब तक पुलिस ने क्या क्या किया, जानिए:
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बनाई टीमें
खन्ना की एसएसपी डॉ. ज्योति यादव ने आरोपियों को पकड़ने के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों में एसपी (इन्वेस्टिगेशन) पवनजीत, डीएसपी (इन्वेस्टिगेशन) मोहित सिंगला, डीएसपी समराला तरलोचन सिंह, सीआईए स्टाफ प्रभारी नरपिंदरपाल सिंह और समराला थाना एसएचओ पवित्र सिंह शामिल हैं।
स्पेशल ब्रांच व साइबर ब्रांच कर रही टेक्निकल सपोर्ट
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल ब्रांच, टेक्निकल ब्रांच और साइबर थाना की टीम टेक्निकल सपोर्ट कर रही है। पुलिस ने अब तक उन 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने वारदात के बाद मुख्य आरोपियों की किसी भी तरह से मदद की थी।
सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम से आरोपियों का पीछा कर रही पुलिस
पुलिस ने सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम की मदद लेकर आरोपियों के भागने की दिशा का पता किया और उसके बाद सीसीटीवी कैमरों की चेन के जरिए उन लोगों तक पहुंची जिन्होंने हत्या के बाद आरोपियों को पनाह दी। पुलिस आगे भी सीसीटीवी फुटेज जुटाकर आरोपियों का पीछा कर रही है। पुलिस अब तक 50 किलोमीटर से ज्यादा एरिया में CCTV कैमरे खंगाल चुकी है।
मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर
गोली मारकर कबड्डी खिलाड़ी गुरविंदर सिंह की हत्या के मामले की मुख्य आरोपी आरोपी तेजी चक सराय और करण मादपुर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे परिवार में रोष बना हुआ है।
रवनीत सिंह बिट्टू बोले, पुलिस खुद डलवाती है फेक पोस्ट
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कानून व्यवस्था पर सरकार व पुलिस को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि पुलिस खुद गैंगस्टरों के नाम से पोस्ट डलवाती है ताकि लोग डर जाएं और जांच से पीछे हट जाएं। पुलिस पर फिर आरोपियों को पकड़ने का प्रेशर न रहे।
जगराओं और समराला में कबड्डी खिलाड़ियों की हत्या में मिलती जुलती बातें
1. पुलिस पुरानी रंजिश बताती रही, मृतक के परिवार नकारते रहे। तेजपाल के मामले में पुलिस कहती रही पुरानी रंजिश के कारण हत्या हुई। यहां भी पुलिस रंजिश के कारण हत्या बता रही है। दोनों जगह परिवार रंजिश बताने से इनकार करती रही।
2. साथ वाले को मारना था, दूसरा मारा गया: जगराओं में तेजपाल के दोस्त प्रलाभ की रंजिश बताई गई और उसे मारना था। यहां गुरविंदर के दोस्त धर्मा की रंजिश बताई गई। यहां भी निशाना गुरविंदर नहीं धर्मा था यह बता जा रहा है।
3. शुरू में तेजपाल को कबड्डी खिलाड़ी मानने से इनकार किया, यहां भी पुलिस गुरविंदर को कबड्डी खिलाड़ी मानने से इनकार कर रही।
4. परिजनों ने वहां भी आरोपियों को पकड़ने तक संस्कार न करने की चेतावनी दी, यहां भी परिजनों ने यही चेतावनी दी है।
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लॉरेंस के साथी अनमोहल विश्नोई व रवि राजगढ़ पर मामला दर्ज
पंजाब के लुधियाना में समराला के गांव मानकी में कबड्डी खिलाड़ी गुरविंदर सिंह उर्फ किंदा की हत्या के दो दिन बाद पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी अनमोल बिश्नोई और उसके रवि राजगढ़ पर मामला दर्ज किया है।
यह कार्रवाई बिश्नोई गिरोह द्वारा सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद की गई। पुलिस द्वारा रवि राजगढ़ को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस रवि राजगढ़ को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाएगी। पुलिस लॉरेंस बिश्नोई को भी इस केस में नामजद करेगी।
कौन है रवि राजगढ़
राजवीर रवि A कैटागिरी का कुख्यात गैंगस्टर है। लुधियाना के कस्बा दोराहा के गांव राजगढ़ का रहने वाला है। राजवीर रवि ही वह शख्स है, जिसने लॉरेंस के भाई अनमोल को दुबई भेजने के लिए 25 लाख रुपए लुधियाना के एक ट्रांसपोर्टर को दिए थे।
ट्रांसपोर्टर ने ही जयपुर में लॉरेंस के भाई अनमोल को जाली पासपोर्ट बनवा कर दिया और दुबई भेजा था। 3 साल पहले पुलिस जांच में सामने आया था कि अनमोल 3 साल पहले नवंबर महीने में दुबई गया था।
राजवीर रवि पर अभी तक 10 से 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मूसेवाला की हत्या के बाद करीब 4 महीने तक पुलिस रवि की तलाश में जुटी रही थी। रवि को लॉरेंस गैंग की मजबूत कड़ी माना जाता है।

रवि राजगढ़। फाइल फोटो
लुधियाना जेल में करता रहा मारपीट
गैंगस्टर रवि राजगढ़ जब 2013 में लुधियाना सेंट्रल जेल में बंद था तो उसने जेल अधिकारियों के साथ भी उसने मारपीट की थी। उसके खिलाफ थाना डिवीजन नंबर 7 में भी मामला दर्ज हुआ था। वह 2011 की हत्या के एक मामले में दोषी है। इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, रवि राजगढ़ की विक्की गौंडर गैंग से रंजिश थी। सितंबर 2016 में दोनों गिरोह रोपड़ जेल में भिड़ गए थे।
रवि राजगढ़ पर 10 से 15 है मामले दर्ज
गैंगस्टर रवि राजगढ़ पर पहली FIR थाना पायल में 1 जनवरी 2007, 323 IPC के तहत दर्ज हुई थी। दूसरी FIR 22 जून 2010 थाना जोधेवाल में इरादा-ए-कत्ल की दर्ज हुई थी। तीसरी FIR 2 अप्रैल 2011 को पायल थाना में दर्ज हुई।
इस मामले में गैंगस्टर रवि पर 302 कत्ल का मामला दर्ज हुआ था। चौथा मामले भी थाना पायल में ही 22 नवंबर 2011 को इरादा-ए-कत्ल का दर्ज हुआ था।
5वें मामले में 23 नवंबर 2011 को थाना डिवीजन नंबर 7 में दर्ज हुआ। लुधियाना जेल में गैंगस्टर रवि से पुलिस को मोबाइल फोन बरामद हुआ था। 6वां मामला 26 जुलाई 2013 को थाना डिवीजन नंबर 7 में 302 कत्ल का दर्ज है।
7वां मामला गैंगस्टर रवि पर 25 जुलाई 2014 को थाना दाखा में इरादा-ए-कत्ल का दर्ज है। 8वां मामला थाना 7 जुलाई 2017 होशियार पुर में 353,186,506 और 511 के तहत दर्ज है। 9वां मामला गैंगस्टर रवि पर दोराहा में ही 9 दिसंबर 2018 को दर्ज किया गया था। 10वां मामला आर्म्स एक्ट के तहत लुधियाना में दर्ज हुआ। इसके अलावा कुछ मामले अभी सार्वजनिक नहीं हो पाए।

अनमोल विश्नोई।
कौन है अनमोल बिश्नोई
NIA ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी के लिए 2024 में 10 लाख रुपए का इनाम भी रखा था। अनमोल पर 2022 में दर्ज दो NIA मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया हुआ है।
अनमोल बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी की घटना के सिलसिले में भी वांछित है।
अधिकारी अनमोल बिश्नोई के ठिकाने के बारे में जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति से आगे आने का आग्रह कई बार कर चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार,अनमोल कई आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है और उसे संगठित अपराध में एक अहम व्यक्ति माना जाता है।
अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से पूरे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में शामिल व्यापक नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
बिश्नोई गैंग का नेटवर्क कई सनसनीखेज अपराधों में शामिल रह चुका हैं, जैसे कि लोकप्रिय पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, साथ ही प्रदीप कुमार जैसे धार्मिक और सामाजिक नेताओं की हत्या तथा व्यापारियों और पेशेवरों से बड़े पैमाने पर जबरन वसूली करना।
अनमोल बिश्नोई एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी शामिल था। वह स्नैपचैट पर बाबा के शूटरों के संपर्क में था। अनमोल बिश्नोई जिसे ‘भानु’ के नाम से भी जाना जाता है। अनमोल पर 11 से 15 के करीब मामले दर्ज है।
अब तक क्या क्या हुआ:
3 नवंबर: देर रात को कबड्डी प्लेयर गुरविंदर सिंह किंदा और उसके दोस्त धर्मपाल सिंह धर्मा को गोलियां मारी। गुरविंदर सिंह किंदा की मौत हो गई थी और शव सिविल अस्पताल समराला में रखा।
देर रात पुलिस के आला अधिकारी मौके पर आए और आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाली।
4 नवंबर: परिजनों ने पोस्टमार्टम व संस्कार करवाने से मना किया। साफ कह दिया कि जब तक हत्या आरोपी नहीं पकड़े जाते तब तक संस्कार नहीं करेंगे।
परगट सिंह ने कबड्डी खिलाड़ियों की हो रही हत्याओं पर पोस्ट की। पुलिस ने उसके बाद गुरिंदर सिंह के कबड्डी खिलाड़ी न हाेने की बात कही।
पुलिस परिजनों से मिली और पोस्टमार्टम करवाने के लिए बात करती रही। परिजन नहीं माने।
पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस करने के लिए टीमों का गठन किया और जांच शुरू की।
5 नवंबर: परिजनों ने समराला में सड़क पर बैठकर धरना दिया। पुलिस ने 12 बजे 24 घंटे का समय देकर परिजनों को धरने से उठाया।
फेसबुक पर लॉरेंस गैंग के लोगों ने हत्या की जिम्मेदारी ली।
पुलिस ने पनाह देने वाले 12 लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने फेसबुक पोस्ट को फर्जी बताया और कहा कि यह पुलिस जांच को भटकाने के लिए की जा रही है।
शाम को केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू उनके घर पहुंचे, सांत्वना दी और लॉ एंड ऑर्डर के हालात पर सवाल खड़े किए।