Swaranjit Singh Khalsa Becomes First Sikh Mayor in Connecticut’s Norwich, USA | जालंधर के खालसा नार्विच के पहले सिख मेयर बने: पेशे से इंजीनियर हैं स्वर्णजीत, 18 साल पहले गए अमेरिका, नार्विच में 10 सिख परिवार – Jalandhar News

Actionpunjab
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जालंधर के स्वर्णजीत सिंह खालसा जिनको नार्विच का पहला सिख मेयर चुना गया है।

जालंधर के रहने वाले स्वर्णजीत सिंह खालसा नॉर्विच के डेमोक्रेट मेयर चुने गए हैं। वह पूरे कनेक्टिकट अमेरिका में यह पद संभालने वाले पहले सिख हैं।

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खालसा ने रिपब्लिकन पीटर नाइस्ट्रॉम को हराया। 10 सिख परिवारों वाले इस शहर में स्थानीय मुद्दे उठाने के चलते उनको अमेरिकन लोगों का भरपूर समर्थन मिला है। पेशे से इंजीनियर खालसा 18 साल पहले जालंधर से अमेरिका गए। इसके बाद वह USA के इस छोटे से शहर नार्विच में बस गए।

इससे पहले स्वर्णजीत खासला यहीं से 2 बार मेयर भी चुने जा चुके हैं। अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले के बाद सिख मुद्दों को उठाने के बाद पहली बार स्वर्णजीत सिंह खासला लाइमलाइट में आए थे। इसके बाद इन्होंने वहां रह रहे लोगों के मुद्दों को उठाकर राजनीति में अपनी जगह बनाई।

मेयर का चुनाव जीतने के बाद स्वर्णजीत सिंह खासला।

मेयर का चुनाव जीतने के बाद स्वर्णजीत सिंह खासला।

FBI डायरेक्टर का सामुदायिक नेतृत्व पुरस्कार मिल चुका स्वर्णजीत सिंह खासला ने जब सिख और स्थानीय लोगों के मुद्दों को उठाना शुरू किया तो उनकी समुदाय में पहचान बनती गई। शिक्षा को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को लोगों ने खूब सराहा। नार्विच में शिक्षा क्षेत्र में उन्होंने योगदान दिया जिसके चलते 2017 में उनको फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) डायरेक्टर का सामुदायिक नेतृत्व पुरस्कार दिया गया। 66 कंपीटिटर को पछाड़कर उन्होंने ये पुरस्कार पाया था। FBI ने खासला को दिए प्रशंसा पत्र में लिखा- खालसा को यह सम्मान न्यू हेवन डिवीजन में भेदभाव खत्म करे और लोगों को शिक्षित करने, मतभेदों का सम्मान करने और शांतिपूर्ण समाज में रहने के तरीकों के उनके मिशन के लिए दिया जा रहा है। पिता ने कहा-अमेरिका जाकर कंस्ट्रक्शन फील्ड में काम किया खासला के पिता परमिंदर पाल सिंह खालसा भी सिख सेवक सोसाइटी इंटरनेशनल के प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि स्वर्णजीत ने इंजीनियरिंग की डिग्री DAV इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी जालंधर से पूरी की। इसके बाद वह स्टडी वीजा पर 2007 में अमेरिका चले गए।

अमेरिका में खासला ने कंप्यूटर साइंस में न्यू जर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मास्टर्स की। इसके बाद वह 2010 में नॉर्विच में बस गए। राजनीति में आने से पहले कंस्ट्रक्शन फील्ड में करियर बनाया जिसे वह सफलतापूर्वक चला रहे हैं।

खासला के दादा दादा इंदरपाल सिंह खालसा, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य रहे। इसके अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि अकाली दल के भी सदस्य रहे।

जानें कौन हैं स्वर्णजीत सिंह खालसा

  • 40 साल उम्र है, मूल रूप से जालंधर के रहने वाले हैं।
  • जालंधर के डीएवी कॉलेज टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की
  • 2007 में इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद अमेरिका गए
  • अमेरिका में 2010 कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया।
  • 2010 में नॉर्विच में कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया, यहीं बस गए​​​​​​​
  • नॉर्विच (कनेक्टिकट, अमेरिका) के पहले सिख मेयर चुने गए।
  • डेमोक्रेट पार्टी से मेयर बने, इससे पहले दो बार सिटी काउंसिलमैन (पार्षद) रहे।

जालंधर के गुरु तेग बहादुर नगर में है पैतृक घर जालंधर में स्वर्णजीत सिंह खालसा का पैतृक घर गुरु तेगबहादुर नगर में है। यहां से अमेरिका पहुंचे खालसा ने मेयर चुनाव में हिस्सा लिया। इसमें उनको 2458 वोट मिले जबकि ट्रेसी गोल्ड को 2250 वोट मिले। पीटर नाईस्ट्रॉम के मेयर पद छोड़ने के बाद ये सीट खाली थी। अब इस पर जालंधर का बेटा बैठेगा। खालसा के मेयर चुने जाने के बाद गुरु तेग बहादुर नगर में उनके घर उनके पिता परमिंदर पाल सिंह खालसा को विभिन्न संस्थाओं ने बधाई दी।

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