By-elections to 8 assembly seats in 7 states today | 7 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव आज: 14 नवंबर को नतीजे; इनमें राजस्थान की अंता और पंजाब की तरनतारन भी शामिल

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नई दिल्ली12 मिनट पहले

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 6 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव को लेकर जानकारी दी थी। - Dainik Bhaskar

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 6 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव को लेकर जानकारी दी थी।

सात 7 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।

जम्मू-कश्मीर में बडगाम और नागरोटा, राजस्थान में अंता, झारखंड में घाटसिला (ST),तेलंगाना में जुबली हिल्स, पंजाब में तरनतारन, मिजोरम में डम्पा और ओडिशा में नुआपाडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना हैं।

जम्मू-कश्मीर में 2 विधानसभा सीटें बडगाम और नगरोटा अक्टूबर 2024 से खाली हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 2 सीटों से चुनाव जीते थे। इसके बाद उन्होंने 21 अक्टूबर, 2024 को गंदेरबल सीट को अपने पास रखा और बडगाम सीट छोड़ दी थी। इसीलिए इस सीट पर चुनाव हो रहे हैं।

नगरोटा सीट भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद 31 अक्टूबर, 2024 को खाली हो गई थी।

राजस्थान की अंता सीट: 15 उम्मीदवार मैदान में

राजस्थान में बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग होना है। यहां कंवरलाल मीणा की विधायकी जाने के बाद ये सीट खाली हुई थी। चुनाव आयोग की ओर से 2,27,563 मतदाताओं के लिए 268 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

कंवरलाल मीणा को एसडीएम पर पिस्टल तानने के 20 साल पुराने मामले में सजा हुई। इसके बाद मई से उनकी विधायकी खत्म कर दी गई थी। 2023 के विधानसभा चुनावों में वसुंधरा राजे समर्थक कंवरलाल मीणा ने कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रमोद जैन भाया को हराया था।

अंता में आमतौर पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला होता रहा है।इस बार कांग्रेस के बागी नरेश मीणा ने निर्दलीय ताल ठोककर उपचुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है। यहां अब कांग्रेस से प्रमोद जैन भाया, बीजेपी से मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच मुकाबला माना जा रहा है। इनके अलावा 12 और उम्मीदवार मैदान में हैं।

पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट: AAP ने दलबदलू को मौका दिया

पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट आप विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी। पंजाब में तरनतारन उपचुनाव के लिए 4 प्रमुख पार्टियों कांग्रेस, AAP, अकाली दल और भाजपा ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। इनमें AAP ने दलबदलू को मौका दिया है। CM भगवंत मान ने हरमीत संधू को उम्मीदवार घोषित किया।

वह अकाली दल छोड़कर AAP में शामिल हुए। कांग्रेस ने यहां से करणबीर सिंह बुर्ज को उम्मीदवार बनाया है। बुर्ज कांग्रेस किसान सेल के वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं और जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं।

भाजपा ने पूर्व अकाली व यूथ अकाली नेता रहे हरजीत सिंह संधू को कैंडिडेट बनाया है। शिरोमणि अकाली दल ने प्रिंसिपल सुखविंदर कौर रंधावा को तरनतारन उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया है। उनकी पहचान “आजाद ग्रुप” की प्रमुख नेता के रूप में है।

झारखंड की घाटसिला सीट : 13 में नौ प्रत्याशी पहली बार चुनाव लड़ रहे झारखंड की घाटसिला सीट विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन से खाली हुई है। घाटशिला विधानसभा सीट पूर्वी सिंहभूम जिले में आती है और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। यहां कुल 2,56,352 मतदाता हैं, जिनमें 1,25,114 पुरुष, 1,31,235 महिला और 372 सर्विस वोटर शामिल हैं। 300 बूथों पर मतदाताओं के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के चुनावी मैदान में कुल 13 प्रत्याशी हैं, जिनमें से नौ पहली बार जनता के बीच हैं। करीब 70 फीसदी नए चेहरों की मौजूदगी से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में ज्यादातर सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं।

इस उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन पर दाव चला है। भाजपा संगठन की मजबूती और केंद्र सरकार की योजनाओं को आधार बनाकर चुनावी मैदान में उतरी है। सत्तारूढ़ झामुमो ने झामुमो ने दिवंगत पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन को प्रत्याशी बनाया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के रामदास मुर्मू भी इस बार चुनावी मैदान में हैं।

भाजपा ने इस सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। पार्टी के बड़े नेता घाटशिला में लगातार पहुंचे हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू, बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई दिग्गज शामिल हैं। यहां तक कि ओडिसा मुख्यमंत्री ने भी प्रचार अभियान में भाग लिया। खुद चंपई सोरेन भी गांव-गांव जाकर अपने पुत्र के लिए समर्थन मांग रहे हैं।

इसके अलावा पार्वती हांसदा (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक), पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी), परमेश्वर टुडू, श्रीलाल किस्कू, मानस राम हांसदा, नारायण सिंह, विकास हेम्ब्रम, बसंत कुमार टोपनो, मनोज कुमार सिंह, रामकृष्ण कांती महली भी मैदान में हैं।

कश्मीर की नगरोटा और बड़गाम सीट: उमर अब्दुल्ला भी प्रचार में उतरे

जम्मू-कश्मीर की नगरोटा में भाजपा ने दिवंगत विधायक देवेंद्र सिंह राणा की बेटी देवयानी राणा को कैंडिडेट बनाया है। उनक मुकाबला नेशनल कान्फ्रेंस की उम्मीदवार शमीम बेगम और पैंथर्स पार्टी के हर्ष देव सिंह के बीच है। कुल 97,893 मतदाता 154 मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे।

1996 से अब तक पांच चुनावों में नगरोटा सीट पर भाजपा और नेशनल कान्फ्रेंस की बारी-बारी से जीत हुई है। 1996 में अजातशत्रु सिंह (एनसी) ने जीत हासिल की, उसके बाद 2002 और 2008 में भाजपा के जुगल किशोर शर्मा ने जीत हासिल की। ​​देवेंद्र सिंह राणा ने 2014 में नेशनल कान्फ्रेंस के लिए सीट जीती और 2021 में पार्टी बदलने के बाद 2024 में भाजपा उम्मीदवार के रूप में इसे बरकरार रखा।

वहीं बडगाम में नेशनल कान्फ्रेंस के उम्मीदवार आगा सैयद महमूद और पीडीपी के आगा सैयद मुंतजिर मेहदी के बीच मुकाबला है। भाजपा ने इस सीट पर आगा सैयद मोहसिन को उम्मीदवार बनाया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी पार्टी प्रत्याशी के लिए चुनाव रैली की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने नगरोटा और डूमी में रैलियां कीं और विकास का वादा किया। पैंथर्स पार्टी के हर्ष देव सिंह ने भी प्रचार किया।

तेलंगाना की जुबली हिल सीट: 58 उम्मीदवार मैदान में

तेलंगाना के जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र में 4.01 लाख मतदाता हैं। इनमें 2.08 लाख से अधिक पुरुष और 1.92 लाख से अधिक महिलाएं हैं। इस साल जून में बीआरएस विधायक मगंती गोपीनाथ के निधन के कारण यह उपचुनाव हो रहा है। चुनाव में कुल 58 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस, भाजपा और बीआरएस के बीच मुकाबला त्रिकोणीय है। भाजपा ने एल दीपक रेड्डी को मैदान में उतारा है, जबकि बीआरएस ने दिवंगत गोपीनाथ की पत्नी सुनीता को टिकट दिया है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के उम्मीदवार नवीन यादव हैं, जिन्हें असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम का समर्थन प्राप्त है।

मिजोरम की डम्पा विधानसभा सीट: पांच उम्मीदवार मैदान में

21 जुलाई को एमएनएफ विधायक लालरिन्टलुआंगा सैलो के निधन के बाद खाली हो गई थी। यहां सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने मिजो गायक और धर्मोपदेशक वनलालसैलोवा को मैदान में उतारा है जबकि मुख्य विपक्षी दल एमएनएफ ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री आर. लालथंगलियाना को और कांग्रेस ने पूर्व परिवहन मंत्री जॉन रोटलुआंगालियाना को मैदान में उतारा है।

भाजपा ने लालहमंगइहा को उम्मीदवार बनाया है तथा पूर्व मुख्यमंत्री टी. सैलो की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने अपने उपाध्यक्ष के. जामिंगथांगा को मैदान में उतारा है। जहाँ 21,003 मतदाता पांच उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदूहोमा को आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन के लिए फटकार लगाई है। यह कार्रवाई डम्पा विधानसभा उपचुनाव में अपनी पार्टी के लिए प्रचार करते समय उल्लंघन के मामले में की गई ।

मुख्य विपक्षी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) ने हाल ही में राज्य के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर को वेस्ट फाइलेंग गांव में ZPM पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत के दौरान घोषणा की थी कि रेइएक गांव में 770 करोड़ रुपए की लागत से एक बांध बनाकर रेइएक और आसपास के 14 गांवों को जल आपूर्ति की नई परियोजना शुरू की जाएगी।

ओडिशा में नुआपाड़ा विधानसभा सीट: भाजपा ने दिवंगत ढोलकिया के बेटे को टिकट दिया

के लिए उपचुनाव 8 सितंबर को विधायक राजेंद्र ढोलकिया के निधन के बाद खाली हुई है। नुआपाड़ा उपचुनाव में कुल 2.53 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जिनमें 1,24,108 पुरुष और 1,29,495 महिलाएं शामिल हैं। इस सीट पर 14 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है।

भाजपा ने राजेंद्र ढोलकिया के बेटे जय ढोलकिया को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। ढोलकिया का मुकाबला कांग्रेस के घासी राम माझी और बीजद की सेनहंगिनी छुरिया से है। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने छुरिया के साथ मिलकर प्रचार किया है।

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