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दौसा कलेक्ट्रेट में जल वितरण समिति की मीटिंग में मौजूद अधिकारी।
दौसा के सैथल सागर बांध की नहर खोलने के मुद्दे पर कई गांवों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसे लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट में जल वितरण समिति की बैठक में कलेक्टर देवेंद्र कुमार, एसपी सागर राणा और जिला परिषद सीईओ बिरदीचंद गंगवाल की मौजूदगी में चर्चा
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मीटिंग में 4 समितियों के अध्यक्ष, सदस्य व स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने नहर खोलने और नहीं खोलने के बारे में अपनी बात रखी। अधिकांश लोगों ने बांध के भरे रहने से भूजल स्तर बढ़ने की बात कहते हुए नहर नहीं खोलने की मांग की। जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि बांध का निर्माण सिंचाई के लिए ही हुआ था, ऐसे में नियम अनुसार 8 फीट पानी रिजर्व रखकर किसानों को गेहूं, सरसों व चना फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिलना चाहिए। जिससे महंगे खाद-बीज लगाकर बुवाई करने वाले किसानों का नुकसान नहीं हो।
कलेक्टर-एसपी ने दोनों पक्षों से समझाइश की
सभागार में मीटिंग के दौरान कलेक्टर-एसपी ने दोनों पक्षों से समझाइश कर सकारात्मक हल निकालने की बात कही। कलेक्टर ने बताया कि मीटिंग में दोनों पक्षों के लोगों ने बात रखी है। इस पर जल संसाधन विभाग समेत अन्य सभी से चर्चा कर जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं मीटिंग के दौरान दोनों पक्षों के लोग कलेक्ट्रेट परिसर में जमा हो गए, जहां उनके बीच काफी देर तक आपस में तकरार हुई। नारेबाजी करते हुए हंगामा करने का प्रयास किया तो विवाद की आशंका के चलते कोतवाली थाना पुलिस का जाप्ता मौके पर तैनात रहा।
1898 में हुआ था बांध का निर्माण
जल संसाधन विभाग के अनुसार सैथल सागर बांध का सिचाई परियोजना के तहत वर्ष 1898 में निर्माण हुआ था। जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर स्थित बांध का कुल सीसीए 1891 हेक्टेयर एवं आईसीए 1135 हैक्टयर है। बांध की लंबाई 4180 मीटर है। इसका अधिकतम भराव का गेज 29 फीट है, जिस पर पूर्ण भराव क्षमता 555.50 मिलियम क्यूबिक फीट है। जिसमें 555.50 मिलियन क्यूबिक फीट लाइव तथा जीरो डैड स्टोरेज है।
बांध में अभी 28 फीट 2 इंच पानी
विभाग के अनुसार- वर्तमान में बांध का कुल गेज 28 फीट 2 इंच है, जिस पर 488.75 मिलियन क्युबिक फीट पानी उपलब्ध है। बांध से उत्तरी और दक्षिणी दो नहरें निकलती हैं, जिनसे कमांड क्षेत्र के काश्तकारों को लगभग 3054.59 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है।