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गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र के साहबगंज मंडी स्थित एक दुकान से 225 किलो नकली टाटा नमक मिला है। टाटा कंपनी के अधिकारी ने पुलिस के साथ छापा मारकर यह नमक पकड़ा है। नमक की पैकिंग एकदम असली टाटा जैसी थी। इसे आम लोगों के लिए पहचान पाना आसान नहीं है। राजघ
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एक्सपर्ट ने बताया- मिलावटी नमक के सेवन से पाचन तंत्र खराब हो सकता है। पेट से जुड़ी समस्या हो सकती हैं। लंबे समय तक नकली नमक का सेवन हृदय रोग, कैंसर, ऑस्टियोपोरासिस और किडनी की बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है।
नकली टाटा नमक मिलने से मंडी में हड़कंप मच गया है। दो माह पहले भी इसी इलाके से बड़ी मात्रा में नकली नमक की खेप पकड़े जाने के बाद यह कार्रवाई स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर सवाल खड़े करती है। दो महीने में दूसरी बार इस तरह का केस पकड़ में आने के बाद इस बात को बल मिला है कि शहर में नकली नमक का कारोबार बड़े पैमाने पर हो रहा है। उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
टाटा कंपनी के जांच अधिकारी ने दी तहरीर
नोएडा के पालमकोट निवासी टाटा कंपनी के जांच अधिकारी डमरू आनंद ने तहरीर में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि साहबगंज मंडी में उनके ब्रांड नाम का दुरुपयोग कर भारी मात्रा में नकली नमक बेचा जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद 12 नवंबर को कंपनी टीम और राजघाट पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की। तलाशी के दौरान व्यापारी लवकुश प्रसाद की दुकान से नौ बोरों में भरा कुल 225 किलो नकली टाटा नमक मिला। अधिकारियों के अनुसार, जब्त पैकेटों की पैकिंग, लेबल और सील असली टाटा नमक से काफी हद तक मिलती-जुलती थीं, जिससे उपभोक्ताओं को धोखे में रखना आसान हो जाता था। शिकायत
के आधार पर पुलिस ने आरोपी व्यापारी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि नकली उत्पादों की यह खेप किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकती है। जिसकी जांच की जा रही है।
इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर साहबगंज के व्यापारी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।