In Jhajjar, the groom returned the dowry and said that the bride was the biggest gift. | झज्जर में दूल्हा ने दहेज लौटाया, 1 रुपया शगुन लिया: बोला-दुल्हन ही हमारे लिए सबसे बड़ा दहेज, लड़का हरियाणा पुलिस में कार्यरत – Jhajjar News

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झज्जर के गांव सुलोधा गांव निवासी पंकज यादव की सगाई के दौरान का फोटो।

झज्जर जिले के गांव सुलोधा के रहने वाले कैप्टन ने समाज में दहेज रूपी कुप्रथा के विरुद्ध एक मिसाल प्रस्तुत की है। कैप्टन अमीर सिंह ने अपने पौत्र पंकज यादव हरियाणा पुलिस में कार्यरत के लगन सगाई पर कुछ ऐसा किया, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

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लगन के अवसर पर विक्रम यादव अपनी बेटी का लगन पूजन करने सुलोधा पहुंचे, और अपनी सामर्थ्य के अनुसार बेटी व दामाद के लिए गहने, कपड़े और अन्य कीमती सामान लेकर आए थे। जिसे समाज में आमतौर पर दहेज के रूप में देखा जाता है।

लेकिन इस अवसर पर कैप्टन अमीर सिंह और उनके बेटे श्री धर्मवीर यादव ने एक अलग ही उदाहरण पेश किया। उन्होंने संपूर्ण सामान को वापस करते हुए मात्र 1 रुपया शगुन के रूप में स्वीकार किया और कहा कि दुल्हन ही हमारे लिए सबसे बड़ा दहेज है।

लोग बोले- इंसानियत का उदाहरण

इस घटना ने उपस्थित लोगों के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ा और पूरे क्षेत्र में उनकी इस पहल की सराहना की जा रही है। गांव सुलोधा व आस-पास के लोगों ने इसे इंसानियत, समानता और सामाजिक सुधार का वास्तविक उदाहरण बताया। कार्यक्रम में मौजूद यादव महासभा के पूर्व प्रधान वीरेंद्र दरोगा ने कहा अगर पूरे समाज में ऐसी सोच विकसित हो जाए तो लड़का-लड़की के बीच का भेदभाव खत्म हो सकता है।

दहेज के कारण होने वाले अत्याचार रुकेंगे, और भ्रूण हत्या जैसे गंभीर अपराधों से समाज को मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने आगे कहा कि परिवार और समाज की समृद्धि दहेज से नहीं, बल्कि संस्कारों, आपसी प्रेम और समझ से होती है। संदेश देते हुए कहा कि जब लोग आगे बढ़कर उदाहरण बनते हैं, तभी समाज बदलता है। सुलोधा गांव के इस कदम ने साबित कर दिया है कि दुल्हन ही असली दहेज है, बाकी सब दिखावा है।

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