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प्रज्ञा त्रिवेदी केस में आरोपी रोहित अवस्थी
होटल संचालिका प्रज्ञा त्रिवेदी से मारपीट करने, चेन तोड़ने व रुपए लूटने के मामले में करीब डेढ़ माह से फरार चल रहे अधिवक्ता रोहित अवस्थी की सशर्त अग्रिम जमानत याचिका बुधवार को एडीजे–फर्स्ट सपना त्रिपाठी ने कोर्ट ने मंजूर कर ली। रोहित के अधिवक्ता ने तर्क
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यह था पूरा मामला…
किदवई नगर थाना क्षेत्र के मां सरस्वती अपार्टमेंट फेस-2 साकेत नगर की रहने वाली प्रज्ञा त्रिवेदी ने 31 जनवरी 2011 को अखिलेश दुबे के खिलाफ डकैती, रंगदारी और मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में जूही थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि जेल में बंद अखिलेश दुबे गैंग के गुंडों ने होटल चलाने के नाम पर 2 लाख रुपए रंगदारी मांगी थी। विरोध करने पर डकैती डालकर कैश लूट ले गए थे। बेरहमी से मारपीट भी की थी, लेकिन जूही थाने की पुलिस ने महज पांच घंटे के भीतर ही केस में फाइनल रिपोर्ट लगाकर क्लीनचिट देते हुए केस बंद कर दिया था।
कोर्ट के आदेश पर अग्रिम विवेचना के आदेश दिए थे, जिसके बाद प्रज्ञा के बयानों के आधार पर भूपेश अवस्थी व रोहित अवस्थी के नाम मुकदमे में बढ़ाए गए थे, जिसके बाद से दोनों पिता–पुत्र आरोपी फरार चल रहे थे। 30 अक्टूबर को आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया गया था।
कहा- 2011 तक गुड़गांव की कंपनी में था कार्यरत
रोहित अवस्थी की ओर से एडीजे–फर्स्ट की कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिसपर बुधवार को सुनाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी घटना के समय कानपुर में नहीं था, वह 2003 में सिक्किम मनीपाल यूनिवर्सिटी से बीटेक करने के बाद 2007 से 2009 तक चेन्नई की कंपनी में काम किया। इसके बाद 2009 से 31 मई 2011 तक गुड़गांव स्थित कंपनी में कार्यरत था। अभियोजन ने विरोध करते हुए कहा कि अपराध संगीन है, मारपीट के दौरान पीड़िता का दांत भी टूट गया था।
इसके बाद कोर्ट ने आरोपी रोहित की सशर्त जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच में सहयोग करेगा, गवाहों पर दबाव नहीं बनाएगा, न ही कोर्ट के आदेश के बिना देश से बाहर जाएगा।