पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए सिरोही जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशाल रैली का निकाली गई।
सिरोही जिले में 23 नवंबर, रविवार से पल्स पोलियो अभियान शुरू होगा। इस दौरान 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 2 लाख 4022 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने चिकित्सा विभाग को अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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कलेक्टर चौधरी ने आमजन से अपील की है कि वे अपने पांच वर्ष या उससे छोटे बच्चों को बूथ पर लाकर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। इस घर-घर अभियान के दौरान निर्वाचन संबंधी कार्य, जैसे वोटर आईडी अपडेशन, भी किया जाएगा।
अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। इसमें जिले के चिकित्सा विभाग के स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भागीदारी की।
रैली को आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला, जिला अस्पताल सिरोही के पीएमओ डॉ. वीरेंद्र महात्मा और डॉ. निहाल सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली शहर की प्रमुख सड़कों से गुजरी और लोगों को पोलियो उन्मूलन का संदेश देते हुए बच्चों को खुराक दिलाने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान ‘हर बच्चा पाए पोलियो की खुराक’, ‘दो बूंद जिंदगी की’ और ‘पोलियो मुक्त भारत—हमारी जिम्मेदारी’ जैसे नारे गूंजते रहे।
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान राज्यव्यापी पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम का एक विशेष चरण है। इसका मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की अतिरिक्त खुराक प्रदान करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान सभी बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करता है, भले ही उन्होंने नियमित टीकाकरण में सभी खुराक ली हों। विशेषज्ञों के अनुसार, पोलियो वायरस को समुदाय से पूरी तरह समाप्त करने के लिए बार-बार खुराक देना आवश्यक है, ताकि संक्रमण की कोई संभावना न बचे।

सिरोही में 23 से 25 नवम्बर तक तीन दिवसीय प्लस पोलियो अभियान चलाया जाएगा।
23–25 नवम्बर तक जिले में चलेगा विशेष अभियान
रैली के दौरान जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रितेश सांखला ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 23 से 25 नवम्बर तक तीन दिवसीय प्लस पोलियो अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि अभियान के लिए जिले में कुल 1173 पोलियो बूथों की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से कुल दो लाख चार हज़ार बाईस बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाई जाएगी । सभी बूथों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों / एवं अन्य विभाग के कार्मिक को लगाया गया है ।इसके साथ ही 250 से अधिक सुपरवाइजरी टीमें भी गठित की गई हैं, जो बूथों और घर-घर टीमों की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करेंगी।
23 नवम्बर – बूथ दिवस
पहले दिन सभी पोलियो बूथ सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेंगे, जहाँ अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुँच सकेंगे। प्रत्येक बूथ पर बच्चों के हाथ पर मार्किंग, डाटा रिकॉर्डिंग तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
24 और 25 नवम्बर – घर-घर सर्वे टीम विजिट
दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्यकर्मी एवं आशा सहयोगिनियां सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक घर-घर जाकर उन बच्चों तक पहुंच बनाएंगी, जो पहले दिन खुराक लेने से छूट गए होंगे। इसमें दूर-दराज़ पहाड़ी क्षेत्रों और कठिन पहुंच वाले इलाकों में विशेष मोबाइल टीमें भी तैनात की जाएंगी।
जिले को पूर्णतः पोलियो-मुक्त रखने का संकल्प
जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने कहा कि अभियान का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि अभियान की सफलता के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर लिया गया है तथा सभी स्वास्थ्यकर्मियों को पूर्व प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स अवश्य दिलाएं और जिले को पोलियो-मुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।जिला कलेक्टर ने सभी वैक्सीनेटर जो पोलियो की दो बूंद पिलायेंगे वो घर घर अभियान के दौरान निर्वाचन संबंधी कार्य यथा वोटर आईडी अपडेशन का कार्य भी करेंगे ।
रैली ने दिया मजबूत संदेश जागरूकता रैली ने पूरे शहर में उत्साह और जागरूकता का वातावरण निर्मित किया। लोग बड़ी संख्या में रैली के साथ जुड़ते गए और राहगीरों को भी पोलियो अभियान का संदेश दिया गया। इस रैली ने जिले में आगामी अभियान के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया और लोगों को इसे सफल बनाने के लिए प्रेरित किया।