लखनऊ12 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

लखनऊ में यह एक सोच (YES) फ़ाउंडेशन ने शेरोज़ कैफ़े और अम्बेडकर पार्क में ‘संविधान कारवां – युवा उत्सव 2025’ का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लखनऊ और सीतापुर के युवाओं ने नेतृत्व, संवैधानिक मूल्यों और सक्रिय नागरिकता पर आधारित विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।
उत्सव की शुरुआत ‘संविधान की शुरुआत’ नामक सत्र से हुई, जहाँ युवाओं ने न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों को अनुभवात्मक गतिविधियों के ज़रिए समझा। दिन भर युवा प्रतिभागियों द्वारा लगाए गए स्टॉल, कला प्रदर्शनियाँ, खेल और संवाद सत्र आयोजित किए गए, जिन्होंने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।
प्रतिभागियों ने संवैधानिक समझ का प्रदर्शन किया
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण इंटरैक्टिव सत्र ‘कौन बनेगा संविधान चैंपियन?’ रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी संवैधानिक समझ का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, युवा कवियों ने संवैधानिक और सामाजिक मूल्यों पर आधारित अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर उत्सव को और समृद्ध किया।पैनल चर्चा ‘किशोरों और युवाओं के साथ अभी काम करना क्यों ज़रूरी है?’ में विशेषज्ञों ने युवाओं की भूमिका, उनकी निर्णय लेने की क्षमता और एक सुरक्षित वातावरण के महत्व के बारे में बताया।
यह उत्सव युवाओं सीखने, समझने के लिए प्रेरणादायक
शाम को कार्यक्रम का समापन संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिसने सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान PAHAL के युवाओं ने सरकारी योजनाओं तक पहुँच, स्कूल में पुनः नामांकन, लैंगिक समानता और सामुदायिक सुधार जैसे अपने महत्वपूर्ण कार्यों को साझा किया।संविधान और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला यह उत्सव युवाओं के लिए सीखने, समझने और समाज में अपनी भूमिका तय करने का एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ।
