देहदानी के अर्थी को कंधा देती बेटियां व अन्य
हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी कलां निवासी रामरख चिंद का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके मरणोपरांत परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान और नेत्रदान किया। रामरख का देहदान चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान, खे
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उनके नेत्र शाह सतनाम जी स्पेशियलिटी अस्पताल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दान किए गए, जिससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों को रोशनी मिल सकेगी। रामरख नाथूसरी चौपटा ब्लॉक के दूसरे देहदानी बने हैं।

बेटियों ने दिया अंतिम यात्रा में दिया कंधा
शनिवार सुबह उनके आवास पर परिजनों और साध संगत द्वारा अरदास की गई। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखकर गांव की मुख्य सड़क तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। इस दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों, साध-संगत और ग्रामीणों ने नारे लगाए।
‘बेटा-बेटी एक समान’ के संदेश को आगे बढ़ाते हुए, उनकी बेटियों बिमला इन्सां, सपना इन्सां, प्रियंका इन्सां और पुत्रवधू कमलेश इन्सां ने पुत्रों कृष्ण इन्सां व महेंद्र इन्सां सहित अर्थी को कंधा दिया। इस कार्य ने समाज को एक सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर ब्लॉक नाथूसरी चौपटा और नाथूसरी कलां की साध-संगत, परिजन और रिश्तेदार मौजूद रहे। सभी ने रामरख इन्सां को भावपूर्ण माहौल में अंतिम विदाई दी।