साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब साइबर ठगों के निशाने पर आम लोगों के साथ-साथ बड़े अधिकारी भी आने लगे हैं। रविवार को एक घटना सामने आई, जब चित्तौड़गढ़, झालावाड़, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर के कलेक्टरों की एक साथ फर्जी वॉट्सऐप आईडी बना ली
.
चार जिलों के कलेक्टरों की प्रोफाइल बनाकर संदेश भेजे गए
ठगों ने जिन अधिकारियों की फर्जी आईडी बनाई, उनमें चित्तौड़गढ़ कलेक्टर आलोक रंजन, झालावाड़ कलेक्टर अजयसिंह राठौड़, डूंगरपुर कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और प्रतापगढ़ कलेक्टर अंजलि राजोरिया शामिल हैं। ठगों ने इन आईडी पर कलेक्टरों की असली तस्वीर लगाई और प्रोफाइल पर “डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर” भी लिख दिया। इसके बाद इन फर्जी आईडी से कलेक्टरों के परिचितों, रिश्तेदारों और दोस्तों को वॉट्सऐप मैसेज भेजे गए।

जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने लगाया स्टेटस।
सोशल मीडिया पर चेतावनी देकर लोगों से सतर्क रहने की अपील
जैसे ही कलेक्टरों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत अपने-अपने वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर स्टेटस डालकर सभी को सतर्क किया। उन्होंने साफ लिखा कि कोई भी व्यक्ति इन फर्जी आईडी पर बातचीत न करे और न ही किसी लिंक, पैसे या मदद के नाम पर भेजे गए संदेशों पर विश्वास करे। कलेक्टरों ने कहा कि यह साइबर ठगों का काम है और लोग किसी भी स्थिति में इनके झांसे में न आएं।
अब आम लोगों के बाद अधिकारी भी साइबर अपराधियों के निशाने पर
पहले साइबर ठग आम लोगों को ही निशाना बनाते थे, लेकिन अब उनका दायरा बढ़ता जा रहा है। अब ऊंचे पदों पर बैठे आईएएस अधिकारियों की पहचान का गलत उपयोग किया जा रहा है। इससे यह भी साफ है कि साइबर अपराधी अपनी तकनीक बदल रहे हैं और लोगों को विश्वास में लेने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। बड़ी प्रोफाइल देखकर लोग जल्दी भरोसा कर लेते हैं और इसी का फायदा ठग उठाते हैं।

डूंगरपुर कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने लगाया स्टेटस।
वियतनाम के हैकर्स का हाथ होने की संभावना, पुलिस कर रही जांच
जानकारी के अनुसार, यह काम वियतनाम के साइबर हैकर्स का बताया जा रहा है। सभी अधिकारियों के नाम से एक जैसे मैसेज Hello, How are you doing. Whare are you at the moment किया गया। चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ सहित संबंधित जिलों की पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस साइबर तकनीकी टीम की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी आईडी कहां से बनाई गई और किसने संदेश भेजे। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही साइबर ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
लोगों से अपील—संदिग्ध संदेश आएं तो तुरंत करें रिपोर्ट
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास इस तरह की किसी प्रोफाइल से संदेश आए तो तुरंत इसकी शिकायत करें। किसी भी तरह की वित्तीय मदद, गिफ्ट कार्ड या लिंक पर भरोसा न करें। प्रशासन ने कहा है कि अधिकारी कभी भी सोशल मीडिया के माध्यम से निजी आर्थिक मदद नहीं मांगते। इसलिए ऐसी किसी भी गतिविधि को तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें।

प्रतापगढ़ कलेक्टर अंजलि राजोरिया ने लगाया स्टेटस।