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पुलिस ने गिरफ्तार किए हत्यारे।
पंजाब के लुधियाना में मंगलवार काराबारा चौक के पास सड़क पर हुई एक मामूली झड़प के बाद युवाओं के ग्रुप ने 21 वर्षीय एक फैक्ट्री कर्मचारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। उनके ग्रुप में एक नाबालिग भी शामिल था। दरेसी पुलिस ने घटना के तुरंत बाद मामला दर्ज कर लिया
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पीड़ित अरुण साहनी न्यू लक्ष्मीपुरी का रहने वाला था और एक होजरी फैक्ट्री में काम करता था। पुलिस ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10 बजे अरुण की दो युवकों के साथ सड़क पर हुई एक मामूली झड़प हो गई। आरोप है कि मामले को शांत करने के बजाय, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को आधी रात को और लोगों के साथ उसी जगह पर लौटने की चुनौती दी।
अरुण के भाई और दोस्तों को भी पीटा
जब अरुण अपने भाई वरुण और कुछ दोस्तों के साथ काराबारा चौक पर पहुंचा तो प्रतिद्वंद्वी समूह पहले से ही धारदार हथियारों के साथ इंतजार कर रहा था। जैसे ही उन्होंने अरुण को देखा तो हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया।अरुण को बेरहमी से पीटा गया और जब उसके भाई और दोस्तों ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उन पर भी हमला किया गया और अपनी जान बचाने के लिए भागने पर मजबूर होना पड़ा।
इनको किया गया गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में मनोज (23), एक सब्जी विक्रेता, हैप्पी बिंद (21), एक गारमेंट सेल्समैन, एक 17 वर्षीय लड़का जो सेल्समैन के रूप में काम करता है, अनीश कुमार (18), एक मेडिकल स्टोर कर्मचारी, सनी उर्फ सोनी (19), एक मैकेनिक, मोहित उर्फ अमन (18), एक होजरी कर्मचारी, और अनुज कुमार (18), एक सब्जी मंडी में कार्यरत हैं। सभी आरोपी नानक नगर या मोहल्ला पीरू बंदा के निवासी हैं।
चार आरोपी हेमंत, गोबिंद उर्फ झटक्का और तीन अज्ञात साथी अभी भी फरार हैं। DCP शहर रूपिंदर सिंह ने कहा कि शुरुआती झड़प के बाद अरुण के कान में चोट लगी जिसके बाद वह घर चला गया। दोनों पक्षों ने आधी रात मिलने की बात कही और एक दूसरे पर हमला कर दिया।
गली में बेहोश हालत में मिला अरुण
एडीसीपी जांच समीर वर्मा ने कहा कि अरुण का भाई वरुण जब घटना स्थल से घर लौटा तो उसे बाद में पता चला कि अरुण घर नहीं पहुंचा है। उसने अरुण को पास की एक गली में बेहोश पड़ा पाया। अरुण को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जांच से पता चलता है कि एक आरोपी मनोज पर पहले भी चोरी का मामला दर्ज है, जबकि अन्य का कोई पिछला आपराधिक इतिहास नहीं है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आरोपी और पीड़ित एक-दूसरे को जानते थे।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या), 191 (3) (घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करना), 190 (गैरकानूनी सभा का प्रत्येक सदस्य सामान्य उद्देश्य के अभियोजन में किए गए अपराध का दोषी), 61 (2) (आपराधिक साजिश) और 324 (4) (नुकसान पहुंचाने वाली शरारत) के तहत मामला दर्ज किया है।