![]()
पुलिस की गिरफ्त में सभी आरोपियों का फाइल फोटो।
सिरसा जिले की साइबर सेल डबवाली और थाना सदर की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 लाख 49 हजार 733 रुपए की साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लोगो
.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उज्जैन (मध्य प्रदेश) निवासी दीपक, अजय और संजय नामदेव के रूप में हुई है। इनके अलावा, इंदौर (मध्य प्रदेश) निवासी मोहम्मद अयान और आसिफ खान उर्फ बिट्टू भी पकड़े गए हैं।
पुलिस को क्या शिकायत दी गई?
साइबर क्राइम डबवाली के प्रभारी निरीक्षक बलजीत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई खुईयां मलकाना निवासी सोनू राम की शिकायत पर की गई। सोनू राम ने थाना सदर डबवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि हाल ही में उन्हें टेलीग्राम ऐप पर “Abhirami Abhi” नामक आईडी से एक संदेश मिला था। संदेश में पार्ट-टाइम नौकरी और टास्क पूरे करके पैसे कमाने का लालच दिया गया था।
सोनू राम एक वेबसाइट लिंक (https://www.reliancerealtyexplores.com/) भी भेजा गया, जिस पर उन्होंने एक अकाउंट बनाया। इसके बाद साइबर ठगों ने सोनू राम को 25 टास्क पूरे करने को कहा, जिसे उन्होंने पूरा कर दिया। ठगों ने उन्हें बताया कि बैंक खाता लिंक करने पर भुगतान सीधे खाते में आ जाएगा।
पीड़ित ने ठगों पर किया भरोसा
शिकायतकर्ता ने ठगों की बातों पर विश्वास करते हुए अपनी पत्नी का बैंक खाता लिंक कर दिया। टास्क पूरा करने पर उसे 870/- रुपए प्राप्त हुए, जिससे शिकायतकर्ता को भरोसे में लिया गया। इसके बाद उसने ठगों के कहे अनुसार 7,000 रुपए इन्वेस्टमेंट किए। जिस पर उसे 7,408 रुपए प्राप्त हुए, इसके बाद 10,712 रुपए डालने पर 20,055 रुपए प्राप्त हुए, ऐसे करके वह रुपए इन्वेस्टमेंट करता गया।
उनके कहे अनुसार ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट मेंबर स्पोर्ट एंड सर्विस आईडी @Customersupport_458 पर भेजे। सहायता के लिए सीनियर एजेंट “Vishnu.K” Username @Vishnu5582 पर संपर्क करने को कहा। कुछ समय बाद उक्त वेबसाइट पर उसके खाते में प्रॉफिट “नेगेटिव बैलेंस” में दिखने लगा।
जब उसने उनसे कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि बैलेंस को “माइनस से प्लस” करवाने और“क्रेडिट स्कोर सुधारने” के लिए और इन्वेस्टमेंट करनी पड़ेगी।
ठगों की बातों में करता रहा निवेश
पीड़ित उनकी बातों में आकर अलग-अलग तारीखों में कई बार इन्वेस्टमेंट करता गया। जब उसने अपने रुपए वापस लेने का प्रयास किया तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला और बातचीत टालमटोल तरीके से की जाने लगी। इस तरह से उसके साथ कुल 10,49,733 रुपए की धोखाधड़ी हो गई।
पीएसआई गोपीराम साइबर हेल्पडेस्क थाना सदर डबवाली ने जांच के दौरान अपने वैज्ञानिक तौर तरीके अपनाते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मध्यप्रदेश से काबू कर लिया।