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सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर आयोजित रेलवे भर्ती बोर्ड की ग्रुप-डी परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक जांच में चेहरा मेल न खाने पर डमी अभ्यर्थी पकड़े जाने से बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डमी छात्र और उसके सहयोगी को
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डीसीपी साउथ राजर्षि राज (IPS) ने बताया- 10 दिसंबर को आरोपी ऋषभ रंजन उर्फ रिषभ रंजन मूल अभ्यर्थी अभिषेक मीना के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। प्रवेश के दौरान आधार व पैन कार्ड के साथ बायोमैट्रिक सत्यापन में चेहरा मैच नहीं हुआ, जिस पर उसे मौके पर पकड़ लिया गया। इस संबंध में थाना सांगानेर सदर में मामला दर्ज किया गया।
मास्टरमाइंड गौतम बिहार और यूपी में 10 परीक्षाओं में बना डमी अभ्यर्थी
जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड गौतम कुमार उर्फ गोटी है, जो डमी अभ्यर्थी तैयार कर परीक्षा दिलाने का काम करता है। वह बिहार और उत्तर प्रदेश में करीब 10 परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी के रूप में शामिल रह चुका है और पूर्व में जयपुर के कानोता क्षेत्र में भी पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 31,250 रुपए नकद बरामद किए हैं, जो परीक्षा दिलाने की तय राशि थी।
गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ रंजन उर्फ रिषभ रंजन (27) निवासी मुंगेर, बिहार को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है, जबकि गौतम कुमार उर्फ गोटी (28) निवासी पटना, बिहार से अन्य परीक्षाओं में संलिप्तता और सहयोगियों के संबंध में पूछताछ जारी है।