Mahua Moitra Cash For Query Case; CBI | Delhi High Court | महुआ मोइत्रा के खिलाफ CBI चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी: दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल का आदेश रद्द किया; पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का मामला

Actionpunjab
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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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महुआ मोइत्रा की मांग थी कि जब तक मामला कोर्ट में चल रहा है, तब तक CBI को चार्जशीट दाखिल करने से रोका जाए। - Dainik Bhaskar

महुआ मोइत्रा की मांग थी कि जब तक मामला कोर्ट में चल रहा है, तब तक CBI को चार्जशीट दाखिल करने से रोका जाए।

पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में CBI फिलहाल TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लोकपाल की ओर से चार्जशीट फाइल करने की मंजूरी को रद्द कर दिया है। यह मंजूरी 12 नवंबर को दी गई थी।

जस्टिस अनिल क्षतरपाल और हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने कहा- ‘हमारा मानना है कि लोकपाल ने इस मामले में गलती की है।’ कोर्ट ने लोकपाल से कहा है कि वह लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम की धारा 20 के तहत एक महीने के भीतर कानून के अनुसार दोबारा फैसला करे।

सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा के वकील ने दलील दी कि लोकपाल ने मंजूरी देते समय कानूनी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया। कानून के मुताबिक किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ मंजूरी देने से पहले उनकी टिप्पणी लेना जरूरी होता है, जो नहीं ली गई।

महुआ मोइत्रा (49) 2019 में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से TMC के टिकट पर लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। दिसंबर 2023 में उन्हें लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया।

महुआ मोइत्रा (49) 2019 में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से TMC के टिकट पर लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। दिसंबर 2023 में उन्हें लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया।

पहले जानिए इस मामले को

दरअसल, यह मामला अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ था। जब BJP सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर महंगे गिफ्ट्स और पैसे लेने के बदले में कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर अडाणी ग्रुप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था।

महुआ पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का भी आरोप लगा था। इसके बाद यह मामला लोकसभा की एथिक्स कमेटी में भेज दिया गया था, जहां पर महुआ दोषी पाई गई थीं। इसके बाद महुआ को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था।

लोकसभा की एथिक्स कमेटी में महुआ के दोषी पाए जाने के बाद। मामला लोकपाल के पास पहुंचा। लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत सांसद (MP) लोकपाल के दायरे में आते हैं। यदि आरोप रिश्वत, लाभ,या अनुचित प्रभाव से जुड़े हों तो लोकपाल जांच कर सकता है।

महुआ मोइत्रा के संसद में 62 सवाल, 9 अडाणी से जुड़े

2019 में सांसद बनने के बाद से महुआ मोइत्रा ने पार्लियामेंट में 28 केंद्रीय मंत्रालयों से जुड़े 62 सवाल पूछे हैं। इनमें पेट्रोलियम से लेकर कृषि, शिपिंग, नागरिक उड्डयन, रेलवे आदि शामिल हैं।

sansad.in की वेबसाइट के मुताबिक, 62 सवालों में से सबसे ज्यादा 9 सवाल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के लिए थे, उसके बाद वित्त के लिए आठ सवाल थे।

कुल 62 में से 9 सवाल अडाणी समूह से संबंधित थे। इनमें से छह सवाल पेट्रोलियम मंत्रालय के लिए और एक-एक सवाल वित्त, नागरिक उड्डयन और कोयला मंत्रालयों के लिए था।

कैश फॉर क्वेरी केस में CBI भी जांच कर रही है

लोकपाल के आदेश के बाद मार्च 2024 में महुआ मोइत्रा और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत FIR दर्ज की थी। इसके बाद जांच की। प्रारंभिक जांच के तहत CBI किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती या तलाशी नहीं ले सकती है, लेकिन वह जानकारी मांग सकती है। साथ ही TMC सांसद से पूछताछ भी कर सकती है।

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