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- CAQM Questions GRAP 4 Implementation Amid Delhi AQI Over 370 | Pollution Control Failures
नई दिल्ली6 मिनट पहले
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प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली में कर्तव्य पथ पर पानी का छिड़काव किया गया।
दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सरकारी विभागों से सवाल किया कि GRAP 4 लागू होने के बाद भी प्रदूषण कैसे बढ़ रहा है। सभी चार चरण लागू किए जाने के बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। आज दिल्ली में कई जगह AQI 370 से ऊपर रहा।
कमीशन ने कहा कि सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय और जवाबदेही की कमी के चलते ग्रैप के प्रावधान जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पा रहे हैं। केंद्र सरकार, एमसीडी, डीडीए और दिल्ली पुलिस जैसे निकायों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
CAQM के मुताबिक प्रतिबंध के बावजूद खुले में कूड़ा और बायोमास जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अवैध इंडस्ट्रियाल यूनट, बिना नियंत्रण के चल रहे निर्माण कार्य और सड़कों की खुदाई से उड़ती धूल प्रदूषण को और गंभीर बना रही है।
वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता और एकीकृत निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष जगदीश ममगांई ने भी दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एमसीडी और सरकार कूड़ा जलाने पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।
3 तस्वीरों में देखिए दिल्ली में प्रदूषण का हाल…

दिल्ली में स्मॉग के कारण राष्ट्रपति भवन के विजिबिलिटी काफी कम रही।

स्मॉग की वजह से दिल्ली का सिग्नेचर ब्रिज भी लगभग दिखना बंद हो गया।

प्रदूषण के विरोध में NSUI सदस्यों ने सैंटा क्लॉज की ड्रेस पहनकर मास्क बांटे।
विधानसभा अध्यक्ष ने एजेंसियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई
रोहिणी क्षेत्र से मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को सरकारी एजेंसियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सड़कों को खोदकर बिना तारकोल या मिट्टी डाले छोड़ दिया गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही के दौरान भारी मात्रा में धूल उड़ रही है।
उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत न होना, यांत्रिक सफाई की कमी और धूल नियंत्रण उपायों के अभाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विजेंद्र गुप्ता ने एमसीडी, डीडीए और डीपीसीसी को जियो-टैग्ड रिपोर्टिंग और साप्ताहिक संयुक्त निरीक्षण के जरिए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदूषण फैलाने वालों पर MCD की कार्रवाई
राजधानी में वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) ने दिसंबर महीने में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। एमसीडी ने बताया कि 311 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप और सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाली शिकायतों का नियमित निपटारा किया जा रहा है।
- बायोमास जलाने, कंस्ट्रक्शन एंड डिमॉलिशन (सीएंडडी) वेस्ट की अवैध डंपिंग और अन्य उल्लंघनों पर कुल 54.98 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- यह कार्रवाई 1 से 20 दिसंबर के बीच सभी 12 जोनों में चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई।
- एमसीडी ने इस दौरान 7,023 चालान जारी किए, जिनसे 43.26 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
- कार्रवाई डीएमसी एक्ट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों और एनजीटी के निर्देशों के तहत की गई। अभियान के दौरान 356 सर्विलांस टीमें फील्ड में तैनात रहीं।
- खुले में कचरा और बायोमास जलाने के 420 मामलों में चालान काटे गए और करीब 11.72 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
- ग्रैप-4 के उल्लंघन पर निर्माण गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 33.95 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
- प्रदूषण फैलाने वाली 34 अवैध जींस डाइंग यूनिट्स को सील किया गया।

भाजपा और आप का एक दूसरे पर आरोप
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ पोस्टर अभियान के बाद ‘आप’ ने एक वीडियो जारी किया है, जिसे उसने ‘प्रदूषण गीत’ बताया है।
वीडियो में सुपरमैन, स्पाइडरमैन, बैटमैन और सांता क्लॉज जैसे काल्पनिक किरदारों के जरिए दिल्ली की खराब हवा और प्रशासनिक विफलता पर तंज कसा गया है।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने ‘आप’ के इस वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मौजूदा हालात अरविंद केजरीवाल की दिल्ली और पंजाब सरकारों की दस साल की लापरवाही का नतीजा हैं।
सचदेवा ने कहा कि जब सौरभ भारद्वाज स्वास्थ्य मंत्री थे, तब अस्पतालों में नकली दवाओं और मोहल्ला क्लीनिक घोटालों के आरोप लगे। उन्होंने कहा कि गंभीर समाधान खोजने के बजाय इस तरह के वीडियो राजनीति को कमजोर करते हैं और जनता के बीच भरोसा घटाते हैं।

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दिल्ली में जानलेवा प्रदूषण के चलते भाजपा सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम नियम लागू कर दिया है। यानी अब सभी दफ्तरों में सिर्फ आधे कर्मचारी जाएंगे। आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…