रोहित सिंह | सिद्धार्थनगर2 मिनट पहले
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सिद्धार्थनगर।जिले के खेल स्टेडियम में सोमवार (22 दिसंबर) को चार दिवसीय सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ हुआ। आयोजन में जिले भर से करीब 1600 बालक-बालिकाएं विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने पहुंचे। सुबह 11 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में मंच पर भाषणों और औपचारिकताओं का सिलसिला चलता रहा, लेकिन मैदान में मौजूद खिलाड़ी कड़ाके की ठंड और भूख से जूझते नजर आए। दोपहर 2 बजे तक बच्चों के लिए खाने-पीने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई।
ठंड में घंटों बैठे रहे बच्चे, मंच से चलता रहा भाषणों का दौर
सुबह से ही खिलाड़ी अपने-अपने विद्यालयों और खेल टीमों के साथ स्टेडियम पहुंच गए थे। कम तापमान और सर्द हवाओं के बावजूद बच्चों को लंबे समय तक मैदान और दर्शक दीर्घा में बैठाए रखा गया। मंच से लगातार भाषण दिए जाते रहे, लेकिन मैदान में बैठे बच्चों की परेशानियों पर किसी का ध्यान नहीं गया।कई बच्चे ठंड से बचने के लिए अपने कपड़ों में सिमटे दिखे, तो कुछ हाथ रगड़कर खुद को गर्म रखने की कोशिश करते रहे।।

छात्राओं ने सुनाई पीड़ा, ठंड और भूख से बेहाल
कस्तूरबा बालिका विद्यालय, उसका बाजार की छात्रा उपमा ने बताया,“हम लोग सुबह से सांसद खेल महोत्सव में हैं। बहुत ठंड लग रही है और भूख भी लगी है, लेकिन अभी तक खाने को कुछ नहीं मिला।”
इसी तरह कस्तूरबा बालिका विद्यालय, शोहरतगढ़ की छात्रा किरण यादव ने कहा,“ठंड बहुत लग रही है और दोपहर 2 बजे तक भी कुछ खाने को नहीं मिला है। सुबह से बैठे हैं।” इन बयानों से बच्चों की मूलभूत जरूरतों की अनदेखी साफ झलकती है।

बाहर जाकर खरीदना पड़ा खाना, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ठंड और भूख से परेशान कुछ बच्चे मजबूरी में स्टेडियम के बाहर जाकर पैसे देकर खाने का सामान खरीदते भी देखे गए। यह दृश्य आयोजन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि खिलाड़ियों के लिए भोजन और गर्माहट की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।
अधिकारियों ने बाइट देने से किया इनकार, सचिव का बयान
कार्यक्रम में बस्ती मंडल के आयुक्त अखिलेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, लेकिन जब उनसे इस विषय पर बाइट लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इनकार कर दिया।वहीं सांसद खेल महोत्सव के सचिव अरुण प्रजापति ने कहा,“खिलाड़ियों का खाने का एक समय होता है। 2:30 बजे तक उन्हें नाश्ता दे दिया जाएगा। हालांकि बच्चों और उनके अभिभावकों का कहना था कि सुबह से मौजूद खिलाड़ियों को इतनी देर तक भूखा रखना उचित नहीं है।

वरिष्ठ अधिकारी मौजूद, फिर भी जमीनी स्तर पर अव्यवस्था
सांसद खेल महोत्सव का उद्घाटन मंडल आयुक्त बस्ती द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कमजोर नजर आईं।

25 दिसंबर तक चलेगा आयोजन, पहले दिन ही उठे सवाल
सांसद खेल महोत्सव का आयोजन 25 दिसंबर तक प्रस्तावित है, जबकि उसी दिन इसका समापन भी होगा। खेल महोत्सव का उद्देश्य खिलाड़ियों को मंच देना और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना बताया जाता है, लेकिन उद्घाटन के पहले ही दिन बच्चों की हालत ने आयोजन की तैयारियों और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।कड़ाके की ठंड में छोटे-छोटे बच्चों को घंटों भूखा और ठिठुरता छोड़ देना न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि आयोजन की गंभीर खामियों को भी उजागर करता है।