PAU Ludhiana Tree Cutting Truth Exposed: 94 Trees to Be Felled for Road Widening | PAU में पेड़ काटे जाने का असली सच हुआ उजागर: एस्टेट अफसर व एसडीएम दफ्तर के पत्रों से हुआ खुलासा, 94 पेड़ काटे जाने हैं – Ludhiana News

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पीएयू में पेड़ काटे जाने के फैसले का विरोध करते हुए स्टूडेंट।

पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) लुधियाना में पेड़ काटे जाने का असली सच उजागर हो गया। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ एसएस गोसल पेड़ काटे जाने की बात से इनकार कर रहे थे लेकिन पीएयू के एस्टेट अफसर व एसडीएम दफ्तर के पत्रों ने सच का खुलासा कर दिया।

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पीएयू ने जिला प्रशासन के एसडीएम वेस्ट दफ्तर से यूनिवर्सिटी में विकास कार्यों के लिए 94 पेड़ काटने की अनुमति मांगी है। पेड़ काटने के लिए मंजूरी लेने के लिए पीएयू के एस्टेट अफसर ने एसडीएम वेस्ट को पत्र भेजा। एस्टेट अफसर के पत्र मिलने के बाद एसडीएम ने वन विभाग को पीएयू में काटे जाने वाले 94 पेड़ों का असेसमेंट करने को कहा है।

पीएयू के एस्टेट अफसर व एसडीएम वेस्ट द्वारा लिखे पत्र दैनिक भास्कर ऐप के पास आए हैं। जिससे यह खुलासा हो सका है कि पीएयू में सड़क चौड़ी करने के लिए 94 पेड़ों को काटा जा रहा है। पब्लिक एक्शन कमेटी ने पीएयू के वीसी के उस बयान को झूठा करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएयू में पेड़ काटे जाने की कोई योजना नहीं है।

पीएयू में पेड़ों पर पोस्टर लगाकर विरोध जताते हुए स्टूडेंट।

पीएयू में पेड़ों पर पोस्टर लगाकर विरोध जताते हुए स्टूडेंट।

डेवलपमेंट कमेटी की रिकमेंडेशन पर वीसी ने दी मंजूरी

पीएयू में विकास कार्यों की प्लानिंग के लिए वीसी ने एक डेवलपमेंट कमेटी गठित की है। कमेटी ने पीएयू की कुछ सड़कों को चौड़ा करने की सिफारिश की। सड़क चौड़ा करने के लिए पीएयू में चार अलग-अलग लोकेशन पर 94 पेड़ काटे जाने हैं। कमेटी की रिकमेंडेशन को वीसी डॉ एसएस गोसल भी अप्रूवल दे चुके हैं।

28 नवंबर को लिखा पीएयू के एस्टेट अफसर ने लेटर

वीसी की मंजूरी मिलने के बाद 11 नवंबर को पीएयू के एस्टेट अफसर ने एसडीएम दफ्तर को पत्र लिखा और कहा कि पीएयू में डेवलपमेंट वर्क के लिए चार अलग-अलग जगहों पर 94 पेड़ काटे जाने हैं। इन पेड़ों को काटने के लिए आपसे अनुमति चाहिए।

पीएयू ने बाकायदा पेड़ों की लोकेशन व मैप भी एसडीएम दफ्तर को भेजा है। एस्टेट अफसर ने इसकी एक प्रति वन विभाग को भेजी है। खास बात यह है कि एस्टेट अफसर ने पत्र के आखिर में लिखा है कि कृपया यह अनुमति जल्दी से जल्दी दी जाए ताकि पीएयू में डेवलपमेंट वर्क शुरू किए जा सकें।

पीएयू के एस्टेट अफसर द्वारा एसडीएम को लिखा पत्र।

पीएयू के एस्टेट अफसर द्वारा एसडीएम को लिखा पत्र।

4 दिसंबर को एसडीएम ने वन विभाग को लिखा पत्र

पीएयू के एस्टेट अफसर से पत्र मिलने के बाद एसडीएम वेस्ट ने वन विभाग को 4 दिसंबर को पत्र भेजा है और कहा कि पीएयू में 94 पेड़ काटे जाने हैं उनकी असेसमेंट करके तुरंत रिपोर्ट दी जाए ताकि उन्हें अनुमति दी जा सके।

एसडीएम द्वारा वन विभाग को लिखा पत्र।

एसडीएम द्वारा वन विभाग को लिखा पत्र।

अनुमति मिलने के बाद पीएयू ने शुरू किया काम

पीएयू के सूत्रों के अनुसार एसडीएम दफ्तर से पेड़ काटने की अनुमति मिल चुकी है और अब पीएयू ने सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू करना था। इससे पहले पीएयू ने सड़क के किनारे बनने वाले फुटपाथ व ग्रीन बेल्ट की मार्किंग की। पीएयू ने जब यह मार्किंग की तो यह सारा मामला सामने आया।

वीसी बोले थे नहीं कटेंगे पेड़

वीसी डॉ एसएस गोसल ने कहा था कि पेड़ नहीं काटे जाएंगे। वहां पर फुटपाथ व ग्रीन बेल्ट बननी हैं उसके लिए मार्किंग की गई है। लोगों को पता ही नहीं है कि असलियत क्या है। उन्होंने कहा कि पीएयू में उन्होंने ग्रीन एंड क्लीन कैंपस मुहिम चलाई है ऐसे में वो पेड़ कैसे कटवा सकते हैं।

वीसी का इस तरह बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण

पीएसी के सदस्य कपिल देव अरोड़ा का कहना है कि एस्टेट अफसर व एसडीएम दफ्तर के पत्रों से साफ हो गया कि पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक लोकेशन पर नहीं बल्कि चार लोकेशन पर पेड़ काटे जाने हैं। बाकी तीन लोकेशन अभी हिडन हैं। उसके बावजूद वीसी का इस तरह बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है।

60 साल से डेवलप नहीं हुआ पीएयू का इंफ्रास्ट्रक्चर

वीसी डॉ एसएस गोसल का कहना है कि पीएयू को बने 60 साल से ज्यादा हो गया है और वही इंफ्रास्ट्रक्चर है। उन्होंने कहा कि 1977 तक पीएयू में सिर्फ 3 कारें थी। हर कॉलेज की बिल्डिंग के साथ साइकिल व स्कूटर स्टैंड बने थे। आज पीएयू में 2200 से ज्यादा तो फैकल्टी व कर्मचारियों की कारें हैं और विद्यार्थी भी अपनी कारों पर आते हैं। ऐसे में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना जरूरी है। इस साल मेले में एक दिन में 40 हजार व्हीकल आ गए थे। उन्होंने फिर कहा कि पेड़ नहीं काटे जा रहे।

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