नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
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दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को मंगलवार को पत्र लिखा। इसमें केजरीवाल सरकार पर प्रदूषण, बुनियादी ढांचा, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन को लेकर 11 साल की आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाया है।
एलजी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में हवा की खराब स्थिति के लिए केजरीवाल सरकार जिम्मेदार है। केजरीवाल ने दिल्ली के वायु प्रदूषण को कभी गंभीरता से नहीं लिया। इसी सोच और रवैये के चलते हवा लगातार खराब होती चली गई।
उन्होंने दावा किया कि प्रदूषण को लेकर एक बातचीत के दौरान केजरीवाल ने इस समस्या को हर साल होने वाली सामान्य बात बताया था। कहा था कि इस पर कुछ समय के लिए कार्यकर्ता और अदालतें शोर मचाती हैं और बाद में इसे भूल जाती हैं।
एलजी ने कहा कि मैं ये बातें फोन या केरजीवाल से मिलकर भी उनके सामने रख सकता था, लेकिन दिल्ली चुनावी में हार के बाद केजरीवाल ने मुझसे मुलाकात करना बंद कर दिया। मेरा मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया।
धूल प्रदूषण पर ठोस कदम नहीं उठाने का आरोप
एलजी ने लिखा कि AAP सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदूषण के लिए लगातार पड़ोसी राज्यों और केंद्र सरकार को दोषी ठहराया, लेकिन धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जबकि यह दिल्ली में PM10 और PM2.5 प्रदूषण का बड़ा कारण है। सड़कों-फुटपाथों को सालों तक मरम्मत के बिना छोड़ दिया गया, जिससे धूल प्रदूषण और बढ़ा।
एलजी के केजरीवाल सरकार पर आरोप
- AAP सरकार के कार्यकाल में दिल्ली मेट्रो फेज-4, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) जैसी अहम सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं को रोका गया। इसमें जानबूझकर देरी की गई।
- केंद्र सरकार की फंडिंग से मिलने वाली ई-बसों की डिलीवरी इसलिए टलती रही, क्योंकि AAP सरकार चाहती थी कि उन बसों पर उसके नेताओं की तस्वीरें लगाई जाएं।
- पिछले 11 सालों में यमुना नदी और दिल्ली के नालों की ठीक से सफाई नहीं की गई। सीवर लाइन और नालों की एक दशक से ज्यादा समय तक डी-सिल्टिंग नहीं हुई, जिससे 80 से 90 प्रतिशत तक नाले जाम हो गए।
- दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। दिल्ली अपनी पीने के पानी की जरूरत के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है, इसके बावजूद 58 प्रतिशत पानी ट्रांसमिशन के दौरान ही बर्बाद हो जाता है।
- वजीराबाद जलाशय की क्षमता 96 प्रतिशत तक घट चुकी है, जिसकी वजह भारी सिल्ट जमा होना है। इसके बावजूद AAP सरकार लगातार हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर दोष मढ़ती रही।
एलजी बोले- केजरीवाल ओछी राजनीति कर रहे
एलजी ने लिखा कि वे पिछले साढ़े तीन साल से उपराज्यपाल हैं और पिछले 10 महीनों से दिल्ली में BJP सरकार AAP सरकार की छोड़ी हुई समस्याओं को सुधारने की कोशिश कर रही है। जबकि केजरीवाल ओछी राजनीति कर रहे हैं। BJP सरकार को काम करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
केजरीवाल सरकार ने शौचालयों को कक्षाओं में गिना
एलजी ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर सवाल करते हुए केजरीवाल पर आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने 500 नए स्कूल नहीं बनाए, शौचालयों को कक्षाओं में गिन लिया, 10 साल में एक भी नया अस्पताल शुरू नहीं किया, जबकि विज्ञापन पर भारी खर्च किया गया।
सक्सेना ने कहा कि AAP सरकार ने नियमित कैबिनेट बैठकें नहीं कीं, फाइलों पर हस्ताक्षर करने से बचती रही, CAG रिपोर्ट्स विधानसभा में पेश नहीं कीं, जिससे संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं कमजोर हुईं।
एलजी ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने AIIMS विस्तार, IIT विस्तार, मेट्रो कॉरिडोर, अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER), GPRA कॉलोनियां, RRTS परियोजनाओं का या तो विरोध किया या इनमें देरी की।
केजरीवाल सरकार की इन हरकतों के बावजूद दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी ने कई पार्क, हेरिटेज साइट, हाउसिंग प्रोजेक्ट, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट पूरे किए।
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