आज 23 दिसंबर को संपन्न हुई है यह परीक्षा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दिसंबर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पहली बार सेमेस्टर परीक्षाएं संपन्न हो गईं। विश्वविद्यालय ने पहली बार स्नातक और परास्नातक स्तर पर एक साथ सेमेस्टर परीक्षाएं करवाईं हैं, इसमें किसी भी प्रकार की कोई व्यवधान नहीं ह
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परीक्षा नियंत्रक एके कन्नौजिया ने बताया कि एनईपी के तहत विश्वविद्यालय कैंपस और संबद्ध काॅलेजों में प्रथम सेमेस्टर में 13000 से भी अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। इसमें बीए के 8000, बीकाम के 2900 और बीएससी के 2800 के करीब विद्यार्थी सम्मिलित हुए हैं।

कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने पूरी टीम को दी है बधाई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के व्यापक स्तर को देखते हुए सभी कार्यों को सह परीक्षा नियंत्रकों प्रो. परमेंद्र सिंह पुंडीर, प्रो. विष्णु प्रभाकर श्रीवास्तव, डा. कपिंदर कुमार के मार्गदर्शन में विभाजित कर दिया था। सभी के सही संयोजन और व्यापक व्यवस्थाओं के चलते परिणाम में कोई अड़चन नहीं आई। मेजर विषयों की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र दो अथवा तीन भागों में विभाजित रहा, प्रत्येक भाग के लिए अलग कापी प्रदान की गई थी। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई।
पहली बार OMR सीट का प्रयोग
सह-परीक्षा नियंत्रक प्रो. विष्णु प्रभाकर श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हुई स्नातक की प्रथम सेमेस्टर के माइनर विषयों की परीक्षाएं ओएमआर सीट पर करवाईं गईं हैं। इससे विद्यार्थियों में प्रतियोगिती परीक्षाएं की आदत विकसित हो रही है, इसका फायदा उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलेगा। ओएमआर सीट को स्कैन करके परीक्षा परिणाम को भी जल्दी जारी किया जा सकेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से ओएमआर सीट में परीक्षा करवाने का कमद पर्यावरण के सर्वथा अनुकूल है।
जनसंपर्क अधिकारी प्रो. जया कपूर ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हुई पहली परीक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बिना व्यवधान के नियत समय संपन्न हो गईं हैं। परीक्षा विभाग के साथ ही सभी केंद्राध्यक्षों, कक्ष निरीक्षकों और उड़नदस्ता टीम की मुश्तैदी से विश्वविद्यालय ने एक कीर्तिमान बनाया है। गैर शिक्षण कर्मचरियों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी, इसी की बदौलत 23 दिसंबर को सभी परीक्षाएं सफलतापूर्वक हो गईं हैं।