उदयपुर देहात कांग्रेस के अध्यक्ष आदिवासी नेता रघुवीर सिंह मीणा
अरावली की पहाड़ियों के संरक्षण के मुद्दे पर उदयपुर देहात कांग्रेस के अध्यक्ष आदिवासी नेता रघुवीर सिंह मीणा ने आरोप लगाया कि इन पहाड़ियां पर बड़े उद्योगपति कब्जा करना चाहते है। मीणा ने कहा कि सरकार को अरावली बचाने के लिए तत्काल पैरवी करनी चाहिए।
.
उदयपुर में एक बयान में रघुवीर मीणा ने कहा कि अरावली का अधिकांश भाग राजस्थान में आता है और राजस्थान में भी मेवाड़ इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा। मेवाड़ के इतिहास में यहां के महाराणाओ ने इन अरावली की पहाड़ियों में रहकर ही मेवाड़ के स्वाभिमान और पर्यावरण की सुरक्षा की लड़ाई लड़ी।
तीनों राज्यों में भाजपा की सरकारों की रिपोर्ट पर ही फैसला
रघुवीर मीणा ने कहा कि भाजपा नेतृत्व की सरकारें (दिल्ली, राजस्थान एवं हरियाणा) की रिपोर्ट के आधार पर ही यह फैसला किया गया है। यह सिर्फ खनन का ही मामला नहीं है बल्कि बड़े उद्योगपति पहले से ही तैयारी कर के इन जमीनों और पहाड़ियों को अपने कब्जे में करना चाहते है। अरावली पर्वतमाला हमारा सुरक्षा कवच है। अरावली पर्वतमाला पर हुए इस फैसले से हमारा पर्यावरण तहस-नहस हो जाएगा और हमारी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित नहीं रह पाएगी।
इस फैसले पर पुनर्विचार होना चाहिए
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भी अरावली पर्वतमाला पर सोशल मीडिया के साथ ही धरातल पर भी आंदोलन कर केंद्र और राज्य सरकार पर अरावली पर्वतमाला संरक्षण के लिए दबाव बनाना चाहिए जिससे कि इस फैसले पर पुनर्विचार हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अगर इस मुद्दे पर जनता के साथ है तो उनसे हमारा कहना है कि आप सभी मिलकर सुप्रीम कोर्ट में अरावली पर्वतमाला संरक्षण के लिए मजबूती से पैरवी करें।
उदयपुर देहात जिला कांग्रेस प्रवक्ता डॉ संजीव राजपुरोहित ने भी अरावली पर्वतमाला संरक्षण पर कहा कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव में भाजपा ने संकल्प पत्र में केंद्र के साथ मिलकर अरावली को सुरक्षित रखने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का वादा किया था, लेकिन आज वही केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इसे अवैध खनन कॉरिडोर बनाना चाह रही हैं।
