रोहित सिंह | सिद्धार्थनगर4 मिनट पहले
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सदर थाना क्षेत्र के परसा महापात्र गांव में 17 वर्षीय किशोर शाहिद की मौत का मामला अब स्पष्ट हो गया है। सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि शाहिद की मौत एक दुर्घटना में हुई थी, न कि हत्या। प्रारंभिक जांच में यह मामला संदिग्ध लग रहा था।
मृतक की मां कमरजहां ने सदर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 24 दिसंबर की सुबह करीब छह बजे गांव के गुरबाज और ईंट-भट्ठा मालिक अनूप कुमार अग्रहरी उनके बेटे शाहिद को काम कराने के बहाने घर से ले गए थे।

कमरजहां के अनुसार, उसी दिन शाम करीब सात बजे शाहिद का शव परसा महापात्र गांव में राजेंद्र के घर के पास, हाईवे से लगभग 150 मीटर अंदर एक चकरोड़ पर पड़ा मिला। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने भट्ठा मालिक अनूप कुमार अग्रहरी, उनके भतीजे राजन अग्रहरी, परसा महापात्र निवासी बिफई और गुलबाज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
जांच के दौरान 24 दिसंबर की शाम 6 बजकर 49 मिनट का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया। इस फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि शाहिद एक ट्राली पर सवार था। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह ट्राली से सड़क पर गिर गया। इसके तुरंत बाद ट्रैक्टर का पिछला पहिया उसके शरीर के ऊपर से गुजर गया। यह दृश्य घटना के दुर्घटना होने की पुष्टि करता है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद की मौत फेफड़ा फटने के कारण हुई है। चिकित्सकीय जांच में उसके शरीर पर घसीटने जैसे निशान और सिर पर छोटे-छोटे घाव भी पाए गए हैं।
चिकित्सकीय और पुलिस सूत्रों ने बताया कि ये चोटें किसी हमले के कारण नहीं लगी थीं। बल्कि, ये ट्राली से गिरने, सड़क से टकराने और दुर्घटना के दौरान हुए प्रभाव से आई थीं। सिर पर मिली छोटी चोटें भी गिरने के कारण ही हुई बताई गई हैं।