Delhi: AQI crosses 400 at 20 out of 40 stations | दिल्ली- 40 में से 20 स्टेशनों पर AQI 400 पार: बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट पेट्रोल-डीजल, BS-6 से नीचे गाड़ियों की एंट्री पर परमानेंट बैन

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नई दिल्ली39 मिनट पहले

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शादीपुर, विवेक विहार, अशोक नगर, बवाना, चांदनी चौक, डीटीयू, द्वारका, आईटीओ और मुंडका में शनिवार को हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही। - Dainik Bhaskar

शादीपुर, विवेक विहार, अशोक नगर, बवाना, चांदनी चौक, डीटीयू, द्वारका, आईटीओ और मुंडका में शनिवार को हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही।

दिल्ली में शनिवार को औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 385 दर्ज किया गया, जो गंभीर स्तर के बेहद करीब है। वहीं, राजधानी के 40 में से 20 AQI स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही, यहां AQI 400 से ज्यादा दर्ज हुआ।

इनमें शादीपुर, विवेक विहार, अशोक नगर, बवाना, चांदनी चौक, डीटीयू, द्वारका, आईटीओ और मुंडका के स्टेशन शामिल थे। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-3 लागू कर दिया है।

इस बीच पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए GRAP-4 की दो पाबंदियों को अब स्थाई तौर पर लागू कर दिया गया है। अब बिना वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUCC) के पेट्रोल-डीजल और BS-6 मानक से कम वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर परमानेंट बैन रहेगा।

ये पाबंदियां पहले सिर्फ GRAP-4 लगने पर लागू की जाती थी, लेकिन अब सरकार की ओर से अगला आदेश आने तक लगी रहेगी। इसके अलावा सरकार ने तालाबों और अन्य जल स्रोतों को दोबारा साफ और जीवित करने के लिए 100 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।

50% एम्प्लॉइज को वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

इससे पहले सरकार ने 18 दिसंबर को सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम नियम लागू कर दिया था। इसका मतलब सभी दफ्तरों में सिर्फ आधे कर्मचारी जा रहे हैं। आधे कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं।

दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि यह नियम 19 दिंसबर से लागू होंगे। कुछ सेक्टरों, जैसे हेल्थकेयर, फायर सर्विस, जेल प्रशासन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे जरूरी सेवाएं देने वाली संस्थानों को नियम से छूट दी गई थी ।

शोध में दावा मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जहरीली हवा न केवल शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा रही है। इससे बच्चों में बौद्धिक स्तर कम रहने, स्मृति संबंधी विकार व एडीएचडी विकसित होने की संभावना बढ़ रही है।

शोध आधारित साक्ष्यों के हवाले से डॉक्टरों ने कहा कि जहरीली हवा अवसाद, बढ़ती चिंता, स्मृति कमजोर करने और संज्ञानात्मक विकास के बाधित होने का कारण बन रही है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से अल्जाइमर और पार्किंसन रोग जैसे तंत्रिका अपक्षयी विकारों का खतरा बढ़ जाता है।

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