नए साल में चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित म्यूजियम में घूमने आने वाले पर्यटकों को अब ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने म्यूजियम की एंट्री फीस में बढ़ोतरी कर दी है।
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यह फैसला जयपुर स्थित पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक के आदेश के बाद लिया गया है। मंगलवार को इस संबंध में उदयपुर संभाग के पुरातत्व एवं संग्रहालय अधीक्षक ने औपचारिक रूप से नई दरों की घोषणा की।
अचानक हुई इस बढ़ोतरी से नए साल पर दुर्ग स्थित म्यूजियम देखने आने वाले पर्यटकों को मामूली सा अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।

फतह प्रकाश महल में एंट्री के लिए देना होगा 50 रुपए।
जयपुर निदेशक के आदेश के बाद लागू हुआ नया शुल्क
पुरातत्व एवं संग्रहालय, उदयपुर के अधीक्षक हिमांशु सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर निदेशक के निर्देशानुसार म्यूजियम की एंट्री फीस में मामूली बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला विभागीय स्तर पर लिया गया है और इसे एक जनवरी से लागू कर दिया जाएगा।
अधीक्षक के अनुसार, फीस बढ़ाने का उद्देश्य म्यूजियम के रखरखाव, संरक्षण और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना है। नई दरें लागू होने के बाद अब सभी पर्यटकों को तय की गई फीस के अनुसार ही प्रवेश दिया जाएगा।

इंडियन को कम और फॉरेनर्स को ज्यादा शुल्क देना होगा।
भारतीय और विदेशी पर्यटकों के लिए नई एंट्री फीस तय
नई व्यवस्था के अनुसार अब चित्तौड़गढ़ दुर्ग के म्यूजियम में प्रवेश के लिए इंडियन पर्यटकों को 50 रुपए देने होंगे। वहीं इंडियन स्टूडेंट्स के लिए एंट्री फीस 25 रुपए तय किया गया है। फॉरेनर्स पर्यटकों के लिए एंट्री फीस बढ़ाकर 250 रुपए कर दी गई है, जबकि फॉरेनर्स स्टूडेंट्स को म्यूजियम देखने के लिए 100 रुपए चुकाने होंगे। पहले की तुलना में यह फीस मामूली है, लेकिन विभाग का कहना है कि यह बढ़ोतरी सीमित और जरूरी है। नई फीस से म्यूजियम की सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

फतह प्रकाश म्यूजियम में एंट्री लेने के लिए देना होगा अतिरिक्त शुल्क।
उदयपुर संभाग के सभी म्यूजियम में बढ़ी फीस
पुरातत्व एवं संग्रहालय, उदयपुर के अधीक्षक हिमांशु सिंह ने बताया कि सिर्फ चित्तौड़गढ़ दुर्ग म्यूजियम ही नहीं, बल्कि उदयपुर डिवीजन में आने वाले सभी म्यूजियम में एंट्री फीस बढ़ाई गई है। यानी अब उदयपुर संभाग के किसी भी म्यूजियम में जाने वाले पर्यटकों को नई दरों के अनुसार ही टिकट लेना होगा। विभाग का मानना है कि इससे म्यूजियम के संरक्षण कार्यों को मजबूती मिलेगी और ऐतिहासिक धरोहरों की बेहतर देखभाल हो सकेगी। हालांकि, नए साल से पहले फीस बढ़ने के कारण कुछ पर्यटकों में नाराजगी भी देखी जा रही है, लेकिन विभाग इसे जरूरी कदम बता रहा है।