नई दिल्ली42 मिनट पहले
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केंद्र सरकार ने इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को अश्लील और गैरकानूनी कंटेंट को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। सरकार ने कहा कि अगर X ने इस निर्देश का पालन नहीं किया, तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। यह आदेश खास तौर पर AI ऐप Grok के जरिए बनाए जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर दिया गया है।
मंत्रालय ने शुक्रवार को X को निर्देश दिया कि वह प्लेटफॉर्म पर मौजूद सभी गैर-कानूनी, अश्लील, नग्न, अभद्र और सेक्शुअल कंटेंट को 72 घंटे में हटाए या उस तक पहुंच बंद करे। साथ ही यह भी कहा कि कंटेंट हटाते समय सबूतों से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने X के भारत में चीफ कंप्लायंस ऑफिसर को नोटिस जारी किया है। सरकार ने X से इस तरह के कंटेंट को रोकने के लिए अब तक क्या एक्शन लिया गया है, इसकी 72 घंटे में रिपोर्ट भी मांगी है।
इससे पहले शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को AI चैटबोट Grok के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आईटी मिनिस्टर को लेटर लिखकर कहा था कि कुछ लोग AI की मदद से महिलाओं की असली तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप में बदल रहे हैं, जो बेहद गंभीर मामला है।

X ने नियमों का पालन नहीं किया
मंत्रालय का कहना है कि X ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम 2021 के तहत तय कानूनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। अगर नियमों का पालन नहीं हुआ, तो X, उसके जिम्मेदार अधिकारियों और ऐसे कंटेंट फैलाने वाले यूजर्स के खिलाफ आईटी एक्ट, आईटी रूल्स और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने लेटर में लिखा-
- सोशल मीडिया खासकर X पर, AI के Grok फीचर का गलत इस्तेमाल हो रहा है। कुछ पुरुष फर्जी अकाउंट बनाकर महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं और AI से कपड़े छोटे दिखाने या तस्वीरों को गलत तरीके से पेश करने को कह रहे हैं।
- यह सिर्फ फेक अकाउंट तक सीमित नहीं है, बल्कि उन महिलाओं को भी निशाना बनाया जा रहा है जो खुद अपनी तस्वीरें शेयर करती हैं। यह बहुत गलत है और AI का गंभीर दुरुपयोग है।
- सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि Grok इस तरह की गलत मांगों को मान रहा है। इससे महिलाओं की प्राइवेसी का उल्लंघन हो रहा है और उनकी तस्वीरों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सिर्फ गलत नहीं, बल्कि क्राइम है।
- भारत चुपचाप नहीं देख सकता कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के नाम पर महिलाओं की इज्जत को सार्वजनिक और डिजिटल तरीके से नुकसान पहुंचाया जाए। बड़े टेक प्लेटफॉर्म पर ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय हैं।
- देश महिलाओं के सम्मान के साथ हो रहे ऐसे डिजिटल अपराधों को नजरअंदाज नहीं कर सकता। दूसरे बड़े टेक प्लेटफॉर्म पर भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जहां कोई रोक नहीं है।
- भारत AI और उसके फायदों का समर्थन करता है, लेकिन महिलाओं को अपमानित करने और निशाना बनाने वाले कंटेंट को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Grok से आपत्तिजनक कंटेंट बनाना आसान
कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट्स से वे महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। इसके बाद Grok AI को प्रॉम्प्ट दिया जाता है कि महिलाओं की फोटो को गलत और आपत्तिजनक रूप में दिखाया जाए। AI से कपड़े बदलने या तस्वीर को सेक्शुअल अंदाज में पेश करने जैसी प्रॉम्प्ट दिए जाते हैं।
इन तस्वीरों के लिए महिलाओं से कोई अनुमति नहीं ली जाती। कई बार वे महिलाएं खुद भी नहीं जानतीं कि उनकी तस्वीरों का ऐसा इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि Grok इस तरह की गलत मांगों को रोकने के बजाय उन्हें स्वीकार कर लेता है। इससे ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
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