Demand for CBI investigation into 17 crimes against Mamata | ममता के खिलाफ 17 अपराधों में CBI जांच की मांग: ED ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- हमसे डॉक्युमेंट्स छीने, अधिकारियों को धमकाया

Actionpunjab
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नई दिल्ली14 मिनट पहले

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ममता 8 जनवरी को रेड के बीच में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंचीं थी। - Dainik Bhaskar

ममता 8 जनवरी को रेड के बीच में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंचीं थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। ED ने टीएमसी के आईटी हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (I-PAC) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी मामले में 17 अपराधों की CBI जांच की मांग की है।

ED का आरोप है कि 8 जनवरी को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, DGP और कोलकाता पुलिस आयुक्त रेड के दौरान रुकावट पैदा की। सबूतों से छेड़छाड़ की गई, अहम डॉक्यूमेंट छीने गए और ED अधिकारियों को धमकाया गया।

ED ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि तलाशी से अवैध और जबरन ले जाए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, स्टोरेज मीडिया और दस्तावेजों को जब्त कर सील किया जाए।

याचिका में ED ने मुख्यमंत्री और शीर्ष पुलिस अधिकारियों पर 17 अपराध करने का आरोप लगाया है। इनमें डकैती, लूट और चोरी जैसे आरोपों के साथ सरकारी काम में लगे अधिकारियों को रोकने, सबूत छिपाने या नष्ट करने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

डॉक्युमेंट्स लेने के बाद ममता ने मीडियो को संबोधित किया था।

डॉक्युमेंट्स लेने के बाद ममता ने मीडियो को संबोधित किया था।

ED की याचिका में 5 बड़ी बातें…

  • यह घटना संविधान और कानून के शासन का खुला अपमान है। जब्त किए गए सबूतों का किसी राजनीतिक दल की गतिविधियों से कोई संबंध नहीं था, बल्कि वे केवल अवैध कोयला खनन घोटाले से जुड़े थे।
  • सीएम और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ED अधिकारियों को धमकाया। प्रतीक जैन के आवास और I-PAC ऑफिस में चल रही तलाशी को आगे बढ़ने नहीं दिया।
  • तलाशी के बाद उसके अधिकारियों के खिलाफ कई FIR दर्ज कराई गईं, जिनका मकसद जांच को कमजोर करना और अधिकारियों को डराना था। इन सभी FIR की जांच CBI को सौंपी जानी चाहिए।
  • हमारी कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत पाने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। कोर्ट में कथित हंगामे के कारण मामला टाल दिया गया। यह हंगामा सत्तारूढ़ दल के समर्थकों को वाट्सएप ग्रुप्स के जरिए बुलाकर कराया गया, ताकि कोर्ट में सुनवाई न हो सके।
  • सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करे, सबूतों को सुरक्षित रखे और यह संदेश दे कि किसी भी राजनीतिक पद पर बैठा व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।

बंगाल सरकार ने केविएट दायर किया था

बंगाल सरकार ने 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल की थी। सरकार की मांग है कि उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। इससे पहले इससे पहले 9 जनवरी को ही ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन कोर्टरूम में हंगामे के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 14 जनवरी के लिए टाल दी।

अब पूरे मामले को समझिए

8 जनवरी: TMC के IT हेड के ठिकानों पर ED की रेड

8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं।

कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं।

ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई।

9 जनवरी: ममता बनर्जी ने कोकाता में मार्च निकाला

9 जनवरी को TMC के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी पर दो FIR भी दर्ज कराई है। उन्होंने कोलकाता में मार्च भी निकाला।

इस दौरान ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव हैं। उन्होंने कहा- दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं तक कोयला घोटाले की रकम पहुंचती है। मेरे पास इसके सबूत हैं। जरूरत पड़ी तो मैं इन्हें जनता के सामने पेश कर सकती हूं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ सैकड़ों TMC कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए थे।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ सैकड़ों TMC कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए थे।

सीएम ने कहा था- कोयला घोटाले का पैसा शाह को भेजा गया

ममता ने 9 जनवरी को मार्च के दौरान आरोप लगाया है कि कोयला घोटाले का पैसा सुवेंदु अधिकारी ने इस्तेमाल किया और अमित शाह को भेजा। उन्होंने कहा था कि मैं आमतौर पर प्रतिक्रिया नहीं देतीं, लेकिन अगर कोई मुझे छेड़ता है तो मैं छोड़ती नहीं हूं।

इस पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बनर्जी को मानहानि का नोटिस भेजा। नोटिस में उन्होंने 72 घंटे के भीतर कथित आरोपों से जुड़े सभी सबूत पेश करने की मांग की गई।

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