![]()
आजमगढ़ का महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय लगातार शैक्षणिक क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। 1 वर्ष पूर्व विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार लेने वाले प्रोफेसर संजीव कुमार ने 39 नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत करके विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल स्थापित करने के साथ-साथ आगे बढ़ाने का भी काम किया है। वर्ष 2025 में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय ने अपना पहला दीक्षांत समारोह भी सकुशल संपन्न कराया जिसमें 61456 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गई। यह निश्चित रूप से आजमगढ़ के साथ ही पूरे पूर्वांचल के लिए गर्व की बात है। स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन लाइब्रेरी का मिल रहा फायदा दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार ने बताया कि शिक्षा की दृष्टि से महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में 35 स्मार्ट क्लास शुरू की गई है। इसका लाभ यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में किताबें रखी गई है। इसके साथ ही हमारी स्मार्ट लाइब्रेरी में दो करोड़ से अधिक ऑनलाइन बुक है जिसे कोई भी छात्र और छात्र बार कोड को स्कैन करके अपने मोबाइल और लैपटॉप में निशुल्क पढ़ सकता है। निश्चित रूप से यह छात्र और छात्राओं के लिए शिक्षा ग्रहण करने का सरल सुलभ और निःशुल्क माध्यम है। एंटी रैगिंग कमेटी के माध्यम से निगरानी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार ने बताया कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में पढ़ाई लिखाई का माहौल खराब ना हो इसको लेकर एक कमेटी का गठन किया गया है। 11 सदस्यों की इस कमेटी में यदि किसी भी छात्र-छात्रा को किसी तरह की समस्या आती है तो शिकायत कर सकता है। शिकायत मिलने के 2 दिन के बाद मामले का निस्तारण किया जाना है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता का नाम भी गुप्त रखा जाएगा। एंटी रैगिंग कमेटी का गठन इसलिए किया गया है कि विश्वविद्यालय में किसी तरह का शैक्षणिक माहौल खराब ना हो। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय में बच्चों के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे यह बच्चे लगातार आगे बढ़ सके।
स्मार्ट क्लास रूम में पढ़ रहे सुहेलदेव विश्वविद्यालय के स्टूडेंट:डिजिटल लाइब्रेरी और डिजिटल प्रशासन का मिल रहा है लाभ, QR कोड स्कैन करके पढ़ी जा सकती है दो करोड़ से अधिक पुस्तक
Leave a comment