World News Updates; Prince Harry Greenland Donald Trump

Actionpunjab
6 Min Read


30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने बुधवार को एक बिल पास किया, जिसके तहत सांसद अब अपनी और अपने परिवार की संपत्तियों का ब्योरा एक साल तक सार्वजनिक नहीं कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि यह कदम सांसदों और उनके परिजनों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रावधान तभी लागू होगा, जब यह माना जाए कि किसी सांसद या उसके परिवार की संपत्ति का सार्वजनिक खुलासा उनकी जान या सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

ऐसे मामलों में असेंबली के स्पीकर या सीनेट के चेयरमैन को संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक न करने का अधिकार होगा।

हालांकि, सांसद को अपनी संपत्तियों और देनदारियों का पूरा और सही विवरण गोपनीय रूप से चुनाव आयोग को देना अनिवार्य होगा। यह छूट अधिकतम एक साल के लिए दी जा सकेगी।

अभी तक नेशनल असेंबली, सीनेट और प्रांतीय विधानसभाओं के सभी सदस्यों को हर साल 31 दिसंबर तक अपनी संपत्तियों और देनदारियों का पूरा विवरण पाकिस्तान के चुनाव आयोग को देना होता है। इसमें जीवनसाथी और आश्रित बच्चों की संपत्तियां भी शामिल रहती हैं।

इस बिल का जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने विरोध किया। कानून बनने के लिए अब इसे सीनेट से मंजूरी और राष्ट्रपति की सहमति मिलना जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

कोर्टरूम में भावुक हुए ब्रिटिश प्रिंस हैरी, बोले- मीडिया ने पत्नी की जिंदगी नर्क बना दी

ब्रिटेन के प्रिंस हैरी बुधवार को लंदन की हाई कोर्ट में गवाही के दौरान भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश मीडिया ने उनकी पत्नी मेगन मार्कल की जिंदगी ‘नर्क’ बना दी। कई घंटे की सुनवाई के बाद वह आंसू रोकते हुए बाहर निकले।

समाचार एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला डेली मेल अखबार के पब्लिशर के खिलाफ चल रहे मुकदमे से जुड़ा है।

हाई कोर्ट में प्रिंस हैरी ने कहा कि मीडिया उनकी निजी जिंदगी में लगातार दखल देता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों ने वैध स्रोतों के बजाय अवैध तरीकों से उनकी निजी जानकारी जुटाई।

हैरी ने कोर्ट में कहा, “वे अब भी मेरे पीछे पड़े हैं। उन्होंने मेरी पत्नी की जिंदगी पूरी तरह नर्क बना दी।”

प्रिंस हैरी समेत सात मशहूर हस्तियों ने डेली मेल के पब्लिशर एसोसिएटेड न्यूजपेपर्स लिमिटेड पर मुकदमा किया है। आरोप है कि बीते करीब 20 साल में निजी जानकारी जुटाने के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए गए।

पब्लिशर ने सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि विवादित खबरें वैध सोर्स पर आधारित थीं। यह ट्रायल करीब नौ हफ्ते चलने की उम्मीद है।

हैरी ने कहा कि मीडिया के लगातार हमलों, उत्पीड़न और नस्लवादी लेखों की वजह से ही उन्होंने और मेगन ने 2020 में शाही जिम्मेदारियां छोड़कर अमेरिका जाने का फैसला किया।

शेख हसीना पर देशद्रोह केस में 9 फरवरी को अगली सुनवाई, युनुस सरकार को गिराने की साजिश का आरोप

बांग्लादेश की एक अदालत शेख हसीना के खिलाफ दर्ज देशद्रोह मामले में 9 फरवरी को अगली सुनवाई करेगी। यह मामला दिसंबर 2024 में हुई एक ऑनलाइन बैठक ‘जय बांग्ला ब्रिगेड’ से जुड़ा है।

आरोप है कि दिसंबर 2024 में शेख हसीना और अवामी लीग के सैकड़ों नेताओं ने ‘जय बांग्ला ब्रिगेड’ नाम के एक समूह की ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लिया था।

बैठक में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को गिराने की साजिश रची गई थी। केस में कुल 286 आरोपी हैं, जिनमें से ज्यादातर फरार हैं।

शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत चली आई थीं। नवंबर 2025 में एक बांग्लादेश की विशेष ट्रिब्यूनल ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध और अन्य मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी।

ट्रम्प ने यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकी वापस ली; ग्रीनलैंड पर NATO चीफ के साथ समझौते का फ्रेमवर्क तय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि वे अब 8 यूरोपीयन देशों पर 10% टैरिफ नहीं लगाएंगे। यह टैरिफ 1 फरवरी से लागू होने वाला था। ट्रम्प ने यह फैसला दोवोस में NATO सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र पर बातचीत के बाद लिया।

ट्रम्प ने कहा कि दोनों नेताओं ने ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र को लेकर भविष्य के सौदे का फ्रेमवर्क तय किया है। इससे अमेरिका और सभी NATO सदस्यों का फायदा होगा।

उन्होंने ट्रुथ पर लिखा कि इस समझ के आधार पर मैं टैरिफ नहीं लगाऊंगा। ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जे का विरोध करने वाले यूरोपिय देशों पर 10% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *