अभिषेक जैन | मैनपुरी3 मिनट पहले
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मैनपुरी में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लंबित आवेदनों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने महाविद्यालयों को चेतावनी दी है कि लापरवाही के कारण किसी छात्र के छात्रवृत्ति से वंचित होने पर जिम्मेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को दो दिनों के भीतर सभी लंबित आवेदन अग्रसारित करने का निर्देश दिया है।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि महाविद्यालय स्तर पर कुल 1871 आवेदन अभी भी लंबित हैं। इनमें अन्य पिछड़ा वर्ग के 1255, अनुसूचित जाति के 321, सामान्य वर्ग के 249, अल्पसंख्यक वर्ग के 44 और अनुसूचित जनजाति के 2 आवेदन शामिल हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति छात्रों का अधिकार है और इसमें किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान विभिन्न महाविद्यालयों में लंबित आवेदनों की संख्या सामने आई। इनमें चौधरी देवी सिंह महाविद्यालय में 99, बाबूराम महाविद्यालय में 87, श्रीमती सूरजमुखी महाविद्यालय में 71, श्रीराम सिंह महाविद्यालय में 59, चौधरी सूरज सिंह महाविद्यालय में 56, विजयस्वरूप महाराज महाविद्यालय में 51, चित्रगुप्त डिग्री कॉलेज में 47 और चौधरी माधव सिंह स्मारक महाविद्यालय में 33 आवेदन लंबित पाए गए।
इसके अतिरिक्त, जय माँ इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन, गोवर्धन महाविद्यालय किशनी और चौधरी नत्थू सिंह महाविद्यालय में 31-31 आवेदन अटके हैं। नेशनल महाविद्यालय भोगांव में 28, जे.एस.एस.एस. महाविद्यालय में 27, बाबूराम औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में 26, चौधरी नत्थू सिंह डिग्री कॉलेज करहल और ठाकुर निरोत्तम सिंह महाविद्यालय में 25-25 आवेदन लंबित हैं। राजकुमार सिंह डिग्री कॉलेज ऑफ एजूकेशन में भी 24 आवेदन अब तक अग्रसारित नहीं किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने महाविद्यालय प्रबंधकों को एक बार फिर चेतावनी दी कि शासन द्वारा आवेदन अग्रसारण की अंतिम तिथि 27 जनवरी निर्धारित की गई है। सभी आवेदनों को इस तिथि से पहले भेजना अनिवार्य है। विद्यालय स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सीधे प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु के साथ समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और विभिन्न महाविद्यालयों के प्रबंधक उपस्थित रहे।