जेल में अंधे हो सकते हैं इमरान खान:PTI बोली- पूर्व PM को तुरंत इलाज की जरूरत, देर हुई तो रोशनी खो देंगे

Actionpunjab
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जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने गंभीर चेतावनी दी है। पाकिस्तानी अखबार DAWN की रिपोर्ट पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा है कि अगर इमरान खान को तुरंत और सही इलाज नहीं मिला, तो उनकी एक आंख की रोशनी स्थायी रूप से जा सकती है और वे अंधे भी हो सकते हैं। PTI के मुताबिक इमरान खान की दाहिनी आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) नाम की बीमारी पाई गई है। जेल में डॉक्टरों की जांच में इस बीमारी को बेहद गंभीर और संवेदनशील बताया गया है। पार्टी ने कहा कि मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय में सही इलाज नहीं मिलने पर इमरान की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है। आरोप- प्रशासन जेल के अंदर इलाज कराने पर अड़ा पाकिस्तानी अखबार DAWN की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी का आरोप है कि मेडिकल सलाह के बावजूद रावलपिंडी की अडियाला जेल का प्रशासन इमरान खान का इलाज जेल के अंदर ही कराने पर अड़ा हुआ है। PTI ने डॉक्टरों के हवाले से कहा है कि इस बीमारी के इलाज के लिए ऑपरेशन थिएटर और विशेष सुविधाओं की जरूरत होती है, जो अडियाला जेल में उपलब्ध नहीं हैं। पार्टी ने मांग की है कि इमरान खान को उनकी पसंद के किसी बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। पार्टी ने विशेष तौर पर शौकत खानम अस्पताल या किसी अन्य अच्छेे अस्पताल में इलाज कराने की बात कही है। साथ ही परिवार और करीबी लोगों से बिना रोक-टोक मिलने की अनुमति देने की मांग भी की गई है। इमरान की बहनों ने जेल के बाहर प्रदर्शन किया इस बीच इमरान खान की बहनों ने मंगलवार को अडियाला जेल के बाहर PTI समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। बहन नूरीन खानम ने कहा कि परिवार को किसी आंख की बीमारी की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर यह सच है, तो परिवार को पहले ही सूचित किया जाना चाहिए था। अलीमा खानम ने भी जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि न तो परिवार और न ही कानूनी टीम को इमरान खान की सेहत को लेकर कोई जानकारी दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यह खबर आखिर लीक किसने की। PTI का दावा है कि जेल से लौटते वक्त अलीमा खानम को पुलिस ने रोका। विपक्षी गठबंधन तहरीक-ए-तहाफुज-ए-आइन-ए-पाकिस्तान ने भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की है और परिवार को मिलने की अनुमति देने को कहा है। PTI का आरोप- सरकार इमरान की सेहत से खिलवाड़ कर रही PTI ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक दुश्मनी के चलते एक कैदी की जान और सेहत से खिलवाड़ कर रही है। पार्टी का दावा है कि इमरान खान की आखिरी मुलाकात उनके निजी डॉक्टर से अक्टूबर 2024 में हुई थी। इसके बाद किसी भी तरह की नियमित मेडिकल जांच की अनुमति नहीं दी गई, जबकि इस संबंध में इस्लामाबाद हाई कोर्ट के निर्देश मौजूद हैं। पार्टी के अनुसार नियमित मेडिकल चेकअप की याचिका अगस्त 2025 से लंबित है। PTI ने इसे कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन और मौलिक मानवाधिकारों का हनन बताया है। इमरान खान 3 साल से जेल में बंद हैं इमरान खान पर 100 से ज्यादा केस चल रहे हैं और वे अगस्त 2023 से जेल में हैं। भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं। इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन सस्ते में बेच दिया था। इस मामले में इमरान को 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पूरे मुल्क में फौज के कई अहम ठिकानों पर हमले हुए थे।​​​ पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट केस में दिसंबर 2023 में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य 6 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया था। हालांकि जब इमरान के खिलाफ ये केस दर्ज हुआ, उससे पहले से ही वे तोशाखाना केस में अडियाला जेल में बंद थे। ​​​ क्या है CRVO जिससे आंखों की रोशनी जा सकती है सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) आंख की एक गंभीर बीमारी है। इसमें आंख के अंदर मौजूद रेटिना से खून बाहर ले जाने वाली मुख्य नस में ब्लॉकेज हो जाता है। रेटिना आंख का वह हिस्सा है, जो देखने का काम करता है। नस बंद होने के बाद खून रेटिना में जमा होने लगता है। इससे सूजन आती है और खून का रिसाव भी हो सकता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, CRVO में आंखों की रोशनी जाने का खतरा तब ज्यादा होता है, जब इलाज में देरी हो जाए। खासतौर पर अगर ब्लॉकेज पूरी तरह हो, रेटिना में ज्यादा सूजन आ जाए या बार-बार खून का रिसाव होने लगे। कई मामलों में अगर 24 से 72 घंटे के भीतर इलाज नहीं मिला, तो नुकसान स्थायी हो सकता है। CRVO होने पर तुरंत इलाज जरूरी CRVO का इलाज सामान्य दवाओं या छोटे क्लिनिक में संभव नहीं होता। इसके लिए तुरंत रेटिना स्पेशलिस्ट की जरूरत पड़ती है। इलाज के दौरान आंख के अंदर सूजन कम करने के लिए विशेष इंजेक्शन दिए जाते हैं। कुछ मामलों में लेजर ट्रीटमेंट भी करना पड़ता है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों को कंट्रोल करना भी जरूरी होता है, क्योंकि ये ब्लॉकेज की बड़ी वजह मानी जाती हैं। इस बीमारी के इलाज के लिए ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाएं, स्टरल माहौल और अनुभवी विशेषज्ञ जरूरी होते हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति विल्सन को थी CRVO जैसी बीमारी अमेरिका के 28वें राष्ट्रपति वुडरो विल्सन को भी अपने कार्यकाल के दौरान आंख की गंभीर समस्या हुई थी। उस समय CRVO जैसा मेडिकल टर्म प्रचलन में नहीं था, लेकिन उनकी एक आंख की रोशनी अचानक काफी कम हो गई थी और रेटिना में ब्लीडिंग भी हुई थी। आज के डॉक्टर और मेडिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वुडरो विल्सन को जो समस्या हुई थी, वह लक्षणों के आधार पर CRVO जैसी ही थी। दरअसल, CRVO एक तकनीकी मेडिकल डायग्नोसिस है। आम भाषा में इसे लोग ‘आंख की नस में ब्लॉकेज’ या ‘रेटिना की नस बंद हो जाना’ कहते हैं। कई मामलों में या तो बीमारी का सही नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता, या फिर मरीज की पूरी मेडिकल जानकारी सामने नहीं आती। डॉक्टरों के मुताबिक, पहले के दौर में ऐसी बीमारियों को सिर्फ “अचानक नजर कम होना” या “रेटिना में ब्लीडिंग” कहकर टाल दिया जाता था, जबकि आज इन्हें अलग मेडिकल कंडीशन के तौर पर पहचाना जाता है। भारत में डायबिटीज के मरीजो में CRVO की समस्या भारत में CRVO बीमारी को लेकर एक बड़ी स्टडी पहले ही की जा चुकी है। यह अध्ययन भारत के 14 बड़े आई केयर अस्पतालों में किया गया था, जिसमें 11 हजार से ज्यादा टाइप-2 डायबिटीज मरीजों को शामिल किया गया। जांच में पाया गया कि हर 100 डायबिटीज मरीजों में करीब 3 मरीजों को रेटिना की नसों में रुकावट की बीमारी पाई गई। इस बीमारी के दो प्रकार होते हैं। पहला ब्रांच रेटिनल वेन ऑक्लूजन और दूसरा सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन। स्टडी में सामने आया कि करीब दो-तिहाई मरीजों को पहला प्रकार था, जबकि करीब एक-तिहाई मरीजों को वही बीमारी थी जो इमरान खान को हुई है। शोध में यह भी पाया गया कि ज्यादातर मामलों में यह बीमारी सिर्फ एक आंख में होती है, लेकिन इसका असर गंभीर हो सकता है। सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन के ज्यादातर मामले गंभीर पाए गए, जिनमें नजर जाने का खतरा ज्यादा रहता है। स्टडी के मुताबिक, डायबिटीज कितने साल से है, यह उतना अहम नहीं है, लेकिन अगर शुगर कंट्रोल में नहीं है तो खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर और पहले स्ट्रोक हो चुका होना इस बीमारी के सबसे बड़े कारण पाए गए। डॉक्टरों का कहना है कि भारत में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में इस तरह की आंखों की बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। कई मामलों में मरीजों को तब पता चलता है जब नजर पहले ही काफी कमजोर हो चुकी होती है। ————————- पाकिस्तान से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान में इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऑपरेशन यानी संचालन की डील को खत्म कर दिया है। पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने यह जानकारी दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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