यमुनानगर में भाई ने भाई से की धोखाधड़ी:बैंक लोन के नाम पर करोड़ों की संपत्ति हड़पने का आरोप, गैंगस्टर का डर दिखाया

Actionpunjab
4 Min Read




यमुनानगर के गांव बुडिया में संयुक्त औद्योगिक संपत्ति और बैंक लोन को लेकर दो सगे भाइयों के बीच बड़ा विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके भाई और भाभी ने आपसी भरोसे का फायदा उठाकर बैंक से मिलीभगत की, करोड़ों रुपये के लोन भुगतान में धोखाधड़ी की और उसके रिहायशी मकान को गलत तरीके से नीलामी के खतरे में डाल दिया। मामले में कागजात उठाने, कच्चा माल चोरी कर इस्तेमाल करने और हथियार दिखाकर परिवार को गैंगस्टर का खौफ दिखाकर धमकाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उमेश उप्पल व उसकी पत्नी रेनु उप्पल निवासी बुडिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। दस्तावेजों पर बिना संदेह किए हस्ताक्षर बुडिया थाना पुलिस में दी शिकायत में विमल उप्पल निवासी हुडा जगाधरी ने बताया कि वह और उसका भाई उमेश उप्पल गांव बुडिया स्थित करीब 13 कनाल 9 मरला की औद्योगिक संपत्ति के संयुक्त मालिक हैं। इस परिसर में मेटल का कारोबार चल रहा है, जहां दोनों भाइयों की फर्में शिव शक्ति स्ट्रिप्स और शिव शम्भु एल्युमिनियम संचालित हो रही थीं। फैक्ट्री का शेड, मशीनरी और कच्चा माल दोनों के साझा उपयोग में था। विमल उप्पल के अनुसार, पारिवारिक विश्वास के चलते वह भाई उमेश और उसकी पत्नी रेनु उप्पल के कहने पर कई दस्तावेजों पर बिना संदेह के हस्ताक्षर करता रहा। बाद में उसे पता चला कि इस भरोसे का दुरुपयोग किया गया। फर्म का लोन जानबूझकर जमा नहीं किया शिकायत में बताया गया कि शिव शक्ति स्ट्रिप्स के तहत विमल का रिहायशी मकान HDFC बैंक में गिरवी रखा गया था, जबकि उमेश और रेनु की संपत्ति शिव शम्भु एल्युमिनियम के लोन में गिरवी थी। आर्थिक संकट के चलते दोनों भाइयों में यह सहमति बनी कि वे अपनी-अपनी फर्मों के लोन चुकाकर मकान छुड़ाएंगे। विमल का आरोप है कि उसने बैंक के कहने पर करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये जमा कर दिए, लेकिन इसके बावजूद बैंक ने उसके मकान के कागजात वापस नहीं किए। जांच करने पर सामने आया कि उमेश और रेनु ने अपनी फर्म का लोन जानबूझकर जमा नहीं किया। आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर विमल के मकान को दूसरे कृषि लोन से जोड़कर उसे नीलाम करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया, जबकि वह मकान किसी अन्य लोन में गिरवी नहीं था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि उमेश और रेनु ने अवैध रूप से फैक्ट्री में घुसकर विमल के दस्तावेज उठा लिए, कच्चा माल चोरी कर इस्तेमाल किया और फैक्ट्री गेट पर ताला लगाकर उसे बाहर कर दिया। गैंगस्टर काला राणा के नाम से डराया इतना ही नहीं, विमल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके भाई उमेश ने हथियार दिखाकर उसके बेटे को धमकाया और कथित रूप से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों, जिनमें ‘काला राणा’ नाम के व्यक्ति का हवाला दिया गया, के जरिए परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी SI इमतियाज अली ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और बैंक से जुड़े दस्तावेजों व लेन-देन की भी पड़ताल होगी। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *