Shankaracharya Avimukteshwaranand Yogi Adityanath UP CM Hindu Proof Interview varanasi

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वाराणसी54 मिनट पहलेलेखक: अनुज तिवारी

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने के लिए सपोर्ट देने का ऑफर दिया। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगर योगी खुद को सच्चा हिंदू साबित करना चाहते हैं तो गाय को राज्य माता घोषित करें और गोमांस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएं। योगी को हमने 40 दिन का समय दिया है।

दैनिक भास्कर से बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ऐसा करने पर वे योगी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर योगी ये फैसला नहीं ले सके तो संत समाज उन्हें निरस्त करने का काम करेगा।

शंकराचार्य ने कहा- हमने माघ मेला में मौका दिया था लेकिन किसी ने सुधार नहीं किया।

शंकराचार्य ने कहा- हमने माघ मेला में मौका दिया था लेकिन किसी ने सुधार नहीं किया।

अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का पूरा इंटरव्यू पढ़िए…

भास्करः प्रयागराज से काशी आगमन के बाद आगे की रणनीति क्या है?

अविमुक्तेश्वरानंदः प्रयागराज में हमारा चैप्टर खुला हुआ था। हमने लंबे समय तक लोगों को अवसर दिया कि यदि उनसे कोई अपराध, भूल या चूक हुई है तो वे स्वयं आगे आकर उसे सुधार लें। लेकिन पर्याप्त समय देने के बावजूद किसी ने अपनी गलती नहीं सुधारी।

इससे स्पष्ट हो गया कि वे इस अपराध को बनाए रखना चाहते हैं। इसलिए अगले माघ मेले के लिए तारीख तय कर हम काशी आ गए हैं। यहां आकर हमने अपनी मौजूदा मुहिम- गो माता की रक्षा को आगे बढ़ाने का काम शुरू किया है।

भास्करः यह मुहिम किस उद्देश्य से चलाई जा रही है?

अविमुक्तेश्वरानंदः यह आंदोलन पूरी तरह से गो माता की रक्षा और प्रतिष्ठा के लिए है। हमने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को 40 दिन का समय दिया है। हमें आशा है कि इस अवधि में वे अपने मूल स्वरूप को याद करेंगे और गो माता को सम्मान देते हुए उन्हें राज्य माता का दर्जा देंगे। साथ ही, उत्तर प्रदेश से बड़े पैमाने पर हो रहे गो मांस के निर्यात पर रोक लगाएंगे।

शनिवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- गो माता की रक्षा का मुद्दा पूरे देश और समस्त हिन्दू समाज से जुड़ा है।

शनिवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- गो माता की रक्षा का मुद्दा पूरे देश और समस्त हिन्दू समाज से जुड़ा है।

भास्करः कहा जा रहा है कि इस आंदोलन में शंकराचार्यों का समर्थन है। इस पर आप क्या कहेंगे?

अविमुक्तेश्वरानंदः हमारे समर्थन में कौन है और कौन नहीं, यह आप उनसे पूछ सकते हैं। लेकिन जहां तक गो माता की प्रतिष्ठा के आंदोलन की बात है। यह चारों शंकराचार्यों की ओर से माना जाएगा। ऐसा नहीं है कि चारों शंकराचार्य मिलकर ही हर काम करें। यदि चारों में से कोई एक भी इस विषय पर कार्य कर रहा है, तो वह चारों का ही कार्य माना जाएगा।

भास्करः शंकराचार्यों के अधिकार क्षेत्रों को लेकर अक्सर चर्चा होती है, इस पर आपका क्या कहना है?

अविमुक्तेश्वरानंदः शंकराचार्यों के अधिकार क्षेत्र भौगोलिक रूप से बंटे हुए हैं। उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम। स्थानीय मामलों में संबंधित क्षेत्र के शंकराचार्य कार्य करते हैं। लेकिन, जब विषय देशव्यापी हो, तो वह किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। गो माता की रक्षा का मुद्दा पूरे देश और समस्त हिंदू समाज से जुड़ा है, इसलिए इसमें क्षेत्राधिकार की कोई सीमा नहीं।

माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य के शिष्य की पिटाई का वीडियो सामने आया था।

माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य के शिष्य की पिटाई का वीडियो सामने आया था।

भास्करः हाल ही में सामने आए वीडियो और मीडिया कवरेज को आप कैसे देखते हैं?

अविमुक्तेश्वरानंदः जो वीडियो सामने आया, उसमें अंदर हो रहे अत्याचार का केवल एक अंश ही दिख पाया। फिर भी उस अंश को जनता के सामने लाने का काम मीडिया ने किया, इसके लिए जितनी प्रशंसा की जाए कम है। कम से कम जनता को यह अंदाजा तो हुआ कि अंदर क्या हो रहा था।

भास्करः लखनऊ से कुछ अधिकारियों के संपर्क और स्नान कराने की बात सामने आई थी, उस पर क्या स्थिति है?

अविमुक्तेश्वरानंदः फिलहाल, हम उस विषय पर बात नहीं कर रहे। अगर हम उस मुद्दे को फिर से उठाएंगे तो हमारी तय अगली तारीख और मुख्य आंदोलन प्रभावित होगा। हमारा मूल मुद्दा गो माता की रक्षा है। हम नहीं चाहते कि वह डायवर्ट हो। स्नान से जुड़ी लड़ाई आगे आने वाले समय में फिर शुरू होगी।

भास्करः आपने लखनऊ में बड़ी बैठक कर ऐलान करने की बात कही है। उसमें किसे शामिल किया जाएगा?

अविमुक्तेश्वरानंदः यह ऐलान बहुत सीमित लेकिन बेहद प्रभावशाली रहेगा। जो भी घोषणा होगी, वह लोगों की धड़कनें बढ़ा देने वाली होगी। यदि योगी आदित्यनाथ जी इस अवसर का उपयोग करते हुए गो माता को राज्य माता घोषित कर देते हैं और गौ मांस के निर्यात पर रोक लगा देते हैं, तो हम न केवल उनका अभिनंदन करेंगे बल्कि, उन्हें भावी प्रधानमंत्री के रूप में भी प्रोजेक्ट करेंगे।

भास्करः सीएम योगी अगर नहीं साबित कर पाए तो?

अविमुक्तेश्वरानंदः यदि सीएम योगी यह निर्णय नहीं ले पाते हैं, तो उन्हें निरस्त भी किया जाएगा। उनके सामने यह बहुत बड़ा अवसर है। मामला बेहद क्लोज है और कुछ भी हो सकता है।

शिखा अपमान से यूपी भाजपा को कितना नुकसान

यूपी में पहले समाज के सुख-दुख पर चर्चा के लिए एक साथ बैठे ब्राह्मण विधायकों को नोटिस दिया गया। फिर प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अपमान और उनके शिष्यों की चोटी (शिखा) खींचकर पिटाई की गई। दोनों मामलों से ब्राह्मण समाज गुस्से में है। इसके बाद भाजपा और सरकार निशाने पर है।

ब्राह्मण समाज की नाराजगी इस मायने में खास है कि पिछले 5 चुनावों में उनका एकमुश्त समर्थन भाजपा को मिला है। अब समाज की नाराजगी से पार्टी को कितना डैमेज हो सकता है? ब्राह्मण समाज के सामने विकल्प क्या हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट…

———————– ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद बोले-योगी 40 दिन में हिंदू होने का प्रमाण दें:गाय को गोमाता घोषित करें, वरना मानेंगे सिर्फ दिखावे के लिए गेरुआ पहना

प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- मुझसे शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया। वह मैंने दे दिया। मेरे प्रमाण सच्चे थे, इसलिए उन्हें मानना पड़ा। अब प्रमाण मांगने का समय पीछे छूट गया। अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना चाहिए। पढ़िए पूरी खबर

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