Kanpur Girl Meets CM Yogi Adityanath After 19 Years of Silence

Actionpunjab
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कानपुर में 19 साल बाद खुशी गुप्ता बोली। खुशी के मुंह से निकले पहले शब्द थे- थैंक्यू योगी जी। उन्होंने CM योगी की कुछ तस्वीरें बनाई हैं। जिन्हें वह मिलकर योगी जी जो देना चाहती है। खुशी जन्म से बोलने और सुनने में असमर्थ थी।

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खुशी का कहना है कि मैं भविष्य में पुलिस अफसर बनना चाहती हूं। दरअसल, 20 नवंबर 2025 को खुशी बिना बताए अपने घर से निकल गई। वह 90 किलोमीटर चलकर लखनऊ पहुंच गई। 22 नवंबर को वह CM आवास के बाहर रोती मिली तो पुलिस उसे थाने ले गई।

जब इसकी जानकारी सीएम योगी तक पहुंची तो उन्होंने उसे बुलाया। 26 नवंबर को खुशी सरकारी गाड़ी से मुख्यमंत्री आवास पहुंची थी। CM ने उसकी पढ़ाई की व्यवस्था कराने, कान की मशीन और परिवार के लिए आवास आदि की सुविधाओं के लिए आदेश दिए थे। अब खुशी का ऑपरेशन हो चुका है। वह बोल और सुन सकती है। दैनिक भास्कर टीम ने खुशी और उनके घरवालों से बात की। उन्होंने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट…

खुशी के पिता कल्लू बताते हैं कि बिटिया को सुनते और बोलते देख बहुत अच्छा लग रहा है।

खुशी के पिता कल्लू बताते हैं कि बिटिया को सुनते और बोलते देख बहुत अच्छा लग रहा है।

22 नवंबर को बिना बताए घर से चली गई थी खुशी

ग्वालटोली क्षेत्र की रहने वाली खुशी जन्म से ही मूक-बधिर थी। खुशी के पिता कल्लू ने बताया कि 22 नवम्बर 2025 को खुशी घर पर नहीं मिली। हम लोगों ने उसे ढूंढा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। देर शाम लखनऊ से फोन आया कि आपकी बेटी पुलिस के पास है, आकर ले जाइए।

हम लखनऊ पहुंचे। पता चला कि वह अकेले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए लखनऊ आई थी। खुशी ने स्क्रैच आर्ट और इशारों के ज़रिए पुलिस को बताया था कि वह योगी जी से मिलना चाहती है। 24 नवम्बर 2025 को लखनऊ से मेरे पास फोन आया। कॉल करने वाले कहा कि 26 नवम्बर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुशी से मिलना चाहते हैं। इसके बाद हम खुशी को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ पहुंचे। तब योगी आदित्यनाथ ने इलाज के निर्देश दिए थे।

आपरेशन होने के बाद खुशी ने CM की कई तस्वीरें बनाई हैं। जो वह योगी जी को भेंट करना चाहती है।

आपरेशन होने के बाद खुशी ने CM की कई तस्वीरें बनाई हैं। जो वह योगी जी को भेंट करना चाहती है।

26 जनवरी को खुशी का ऑपरेशन हुआ मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद खुशी का इलाज शुरू हुआ। 5 दिसंबर को उसके एक कान का ऑपरेशन किया गया, लेकिन उससे कोई फायदा नहीं मिला। इसके बाद शहर के मल्होत्रा अस्पताल के डॉक्टर रोहित मल्होत्रा ने जांच की।

उन्होंने बताया कि खुशी बिल्कुल भी सुन नहीं पा रही है। उसे कोक्लियर इम्प्लांट की आवश्यकता है। इसके इलाज में करीब 6 से 7 लाख रुपये का खर्च आएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर खुशी का इलाज हुआ। फाउंडेशन और दिव्यांगजन अधिकारी के सहयोग से 26 जनवरी 2026 को खुशी का कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया, जो ऑपरेशन सफल रहा।

अब खुशी सुनने लगी है। बोलने की शुरुआत कर रही है। वह टूटे फूटे शब्दों में बात कर रही है। हालांकि उसे अभी शब्दों का पूरा ज्ञान नहीं है, इसलिए उसे स्पीच थेरेपी दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि तीन महीने में वह पूरी तरह से बोलना शुरू कर देगी। एक साल के भीतर सामान्य बच्चों की तरह बातचीत करने लगेगी।

कॉक्लियर इम्प्लांट आपरेशन के बाद खुशी घर आई। अब वह बोलकर अपनी मां से पंसदीदा खाना बनवाती है।

कॉक्लियर इम्प्लांट आपरेशन के बाद खुशी घर आई। अब वह बोलकर अपनी मां से पंसदीदा खाना बनवाती है।

पिता बोले- टीवी पर योगी को देखकर तस्वीर बनाती है खुशी के पिता कल्लू गुप्ता ने बताया कि बिटिया अब सुनने और बोलने लगी है, तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। खुशी जन्म से मूक-बधिर थी, इसलिए अभी वह छोटे बच्चे की तरह भाषा सीख रही है। फिलहाल वह यही बोल पा रही है। योगी जी थैंक्यू… फिर से मिलना है। बताया कि बेटी टीवी पर योगी जी के वीडियो देखती है। उन्हें देखकर उनकी तस्वीरें बनाती रहती है।

ये तस्वीर 26 नवंबर 2025 की है। जब खुशी लखनऊ में सीएम योगी से मिली थी।

ये तस्वीर 26 नवंबर 2025 की है। जब खुशी लखनऊ में सीएम योगी से मिली थी।

खुशी की मां बोली- अब तो वह मुझसे खाना मांगती है मां गीता ने बताया कि जब से मेरी बेटी का ऑपरेशन हुआ है। तब हम लोगों को पूरी उम्मीद थी कि मेरी बेटी जल्द ही बोलने लगेगी। हम लोगों ने पूजा अर्चना भी की। मंदिर गए। अब मेरी बेटी सुनने लगी है। बोलती भी है।

वह बार-बार कहती है कि मुझे बाबा जी के पास ले चलो। अब वह बोलकर अपनी बात कह पाती है। कहती है कि मम्मी, मुझे ये खाना है। पहले वह सिर्फ इशारों में बात करती थी। हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि हमारी बेटी सुन और बोल पाएगी। आज हमें उसका भविष्य उज्ज्वल नजर आ रहा है। इसके लिए हम योगी जी के बहुत आभारी हैं।

बताया कि खुशी ने एक ऐसी तस्वीर बनाई है। जिसमें उसने उस पल को दिखाया गया है। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मिली थी। योगी जी ने उसके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था। आशीर्वाद देते हुए उसने तस्वीर बनाई है। वह कहती है कि ये तस्वीर मुझे योगी जी को देना है।

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कानपुर की 20 साल की मूक-बधिर खुशी गुप्ता के दिल में बस एक सपना था- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना। इसी चाह में वह अकेले ही पैदल 90 किलोमीटर चलकर लखनऊ पहुंच गई। रास्ते में प्यास लगी, पैरों में छाले पड़े, दर्द हुआ… लेकिन वह नहीं रुकी।

22 नवंबर को वह CM आवास के बाहर रोती मिली तो पुलिस उसे थाने ले गई। जब इसकी जानकारी सीएम योगी तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत उसे बुलाने के निर्देश दिए। 26 नवंबर की सुबह खुशी सरकारी गाड़ी से मुख्यमंत्री आवास पहुंची। पढ़ें पूरी खबर

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