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Actionpunjab
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सिविल अस्पताल में उपचाराधीन आरोपी।

यमुनानगर में सिटी मॉल और निजी अस्पताल में हुई फायरिंग मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों को 50 हजार रुपये का लालच दिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम की कमान मुख्य आर

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सोशल मीडिया के जरिए जुड़ते गए आरोपी

सूत्रों के अनुसार कुरुक्षेत्र निवासी गुरलाल को ऐसे युवकों की तलाश थी जो पैसों के लिए फायरिंग जैसी वारदात करने को तैयार हो जाएं। इसके लिए उसने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर युवकों की तलाश शुरू की। इसी दौरान उसकी संपर्क करनाल के तरावड़ी क्षेत्र के दो नाबालिग लड़कों से हुआ। बातचीत बढ़ने के बाद गुरलाल ने उन्हें पैसों का लालच देकर वारदात के लिए तैयार कर लिया।

जांच में यह भी सामने आया है कि पूरी फायरिंग की योजना गुरलाल ने बनाई और वही इस घटना को लीड कर रहा था, जबकि नाबालिगों को सिर्फ दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया।

आराेपियों ने रेलवे रोड स्थित एक निजी अस्पताल में घुसकर करीब 13-14 राउंड फायरिंग की थी।

आराेपियों ने रेलवे रोड स्थित एक निजी अस्पताल में घुसकर करीब 13-14 राउंड फायरिंग की थी।

दहशत फैलाने के लिए चुनी भीड़भाड़ वाली जगहें

पुलिस का मानना है कि रंगदारी वसूली के मकसद से शहर में डर का माहौल बनाने के लिए ही अस्पताल और सिटी मॉल जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाया गया। पहले अस्पताल में ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं और फिर सिटी मॉल के बाहर फायरिंग कर गैंगस्टरों के नाम की पर्ची फेंकी गई, ताकि इलाके में खौफ फैल सके।

रात को फायरिंग, सुबह मुठभेड़ में गिरफ्तारी

वारदात के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने घेराबंदी कर रविवार सुबह गांव सुड़ैल के पास तीनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा बाइक से गिरकर घायल हो गया। तीनों का इलाज सिविल अस्पताल यमुनानगर में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

मुठभेड़ के दौरान सीआईए-1 और सीआईए-2 के प्रभारी भी गोली लगने से बाल-बाल बचे, क्योंकि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी।

रविवार की सुबह हुई मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर जांच करती पुलिस।

रविवार की सुबह हुई मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर जांच करती पुलिस।

गैंग कनेक्शन और रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस गैंग से जुड़े हैं, विदेश में बैठे नोनी राणा की भूमिका क्या है और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। साथ ही यह भी जांच जारी है कि क्या यह हमला पहले मांगी गई रंगदारी से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए साइबर और क्राइम यूनिट की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं और जल्द ही मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

अस्पताल और सिटी मॉल में की थी फायरिंग

शनिवार देर रात यमुनानगर में बाइक सवार बदमाशों ने पहले रेलवे रोड स्थित एक निजी अस्पताल में घुसकर करीब 13-14 राउंड फायरिंग की और फरार हो गए। इसके कुछ ही देर बाद सिटी मॉल के बाहर भी गोलियां चलाकर गैंगस्टरों के नाम की पर्ची फेंकी, जिससे शहर में दहशत फैल गई।

सीसीटीवी वीडियो मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी शुरू की और रविवार सुबह गांव सुड़ैल के पास बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से करीब 25-30 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी और तीसरा बाइक से गिरकर घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती करा दिया।

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