![]()
ट्राईसिटी (चंडीगढ़-मोहाली-पंचकूला) के लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने पंजाब में 1,463.95 करोड़ की लागत से 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर को मंजूरी दे दी है। यह स्पर NH-205A के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बायपास से जोड़ेगा और ट्राई-सिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा बनेगा। इस नए कॉरिडोर से मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के प्रमुख शहरी जंक्शनों पर लगने वाला भीषण जाम काफी हद तक कम हो जाएगा। थ्रू-ट्रैफिक अब शहरों के बीच से गुजरने की बजाय इस स्पर से डायवर्ट हो जाएगा। NH-44, NH-205A और NH-152 पर भारी वाहनों का दबाव घटेगा, जिससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सबसे बड़ा फायदा – हिमाचल की तरफ तेज कनेक्टिविटी यह प्रोजेक्ट पंजाब के साथ ही हिमाचल प्रदेश खासकर शिमला रीजन के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। यात्रा का समय काफी कम होगा, सीधी और स्मूथ कनेक्टिविटी मिलेगी। पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद इस अप्रूवल की जानकारी देते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट ट्राई-सिटी के ट्रैफिक को पूरी तरह बदल देगा। अब शहरों के अंदर से गुजरने वाले ट्रक-ट्रैफिक की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। ट्राई-सिटी रिंग रोड का हिस्सा यह स्पर ट्राई-सिटी रिंग रोड के बड़े विजन का हिस्सा है, जिसकी कुल लागत हजारों करोड़ में है। रिंग रोड पूरा होने पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की तरफ जाने वाला ट्रैफिक शहरों को बाईपास कर सकेगा। कई पैकेज पहले से चल रहे हैं, और यह नया स्पर प्रोजेक्ट को और मजबूत बनाएगा।
चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी के लोगों को बड़ी राहत:केंद्र सरकार ने 1463.95 करोड़ की लागत से 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर को मंजूरी
Leave a comment