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फरीदाबाद जिले के जाजरू गांव की 10वीं कक्षा की छात्रा वंशिका इस बार हरियाणा बोर्ड के मैथ का पेपर देने से वंचित रह गई। मामला रजिस्ट्रेशन और नामांकन प्रक्रिया में कथित चूक से जुड़ा है। इस बार वह पेपर नहीं दे पाई। गुरुवार को जब वह निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंची और उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब बोर्ड की सूची और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में उसका नाम दर्ज नहीं मिला। नियमानुसार नाम सूची में न होने के कारण परीक्षा अधीक्षक ने उसे परीक्षा कक्ष में बैठने की अनुमति नहीं दी। 7 स्टूडेंट्स ने दिया एग्जाम जानकारी के अनुसार, वंशिका पिछले एक साल से जाजरू स्थित एसवी कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। इस शैक्षणिक सत्र में स्कूल में कक्षा 10वीं के कुल आठ विद्यार्थी बताए गए हैं। इनमें से सात छात्रों का बोर्ड पंजीकरण फरीदाबाद के एक मान्यता प्राप्त विद्यालय के माध्यम से कराया गया था। औपचारिक प्रक्रिया के तहत इन सात छात्रों को दूसरे स्कूल से “अटैच” किया गया था, जिससे उन्हें वैध नामांकन संख्या (एनरोलमेंट नंबर) जारी हुई। ये सभी छात्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन वंशिका पेपर नहीं दे पाई। पिता बोले- स्कूल प्रबंधन ने ओपन की सलाह दी बताया जा रहा है कि कक्षा 9 के दौरान जारी होने वाला अनिवार्य एनरोलमेंट नंबर वंशिका के नाम से जनरेट नहीं हुआ। यही नंबर कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए आवश्यक होता है। छात्रा के पिता परवीन कुमार का कहना है कि परीक्षा से कुछ दिन पहले स्कूल प्रबंधन ने उन्हें रजिस्ट्रेशन में समस्या की जानकारी दी थी और ओपन स्कूल विकल्प पर विचार करने की सलाह दी थी। हालांकि परिवार का कहना है कि उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि समस्या का समाधान हो जाएगा। वंशिका को एग्जाम सेंटर के बाहर रोका गणित की परीक्षा के दिन वंशिका अन्य विद्यार्थियों की तरह परीक्षा केंद्र पहुंची, लेकिन रेगुलर हरियाणा बोर्ड परीक्षा सूची में नाम न होने के कारण उसे बाहर रोक दिया गया। परिजनों के अनुसार, जब यह जानकारी पिता परवीन कुमार को मिली तो वे तुरंत स्कूल पहुंचे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद उन्होंने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। शिक्षा विभाग ने ओपन से एग्जाम देने की बात कही मामले में जिला शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक स्तर पर हस्तक्षेप करते हुए परिवार को सलाह दी कि छात्रा को बाकी परीक्षाओं में ओपन स्कूल श्रेणी के तहत परीक्षा करवाये। साथ ही यह भी बताया गया कि छूटा हुआ गणित का पेपर आगामी कंपार्टमेंट या सुधार परीक्षा सत्र में दिया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा का साल खराब न हो, इसके लिए वैकल्पिक प्रावधान किए जा रहे हैं। स्कूल चेयरमैन ने बोले- वंशिका नाम की कोई भी छात्रा नहीं वहीं, एसवी कॉन्वेंट स्कूल के चेयरमैन सुमित डागर ने कहा कि वंशिका नाम की कोई भी छात्रा उनके स्कूल में आधिकारिक रूप से नामांकित नहीं है। उनका कहना है कि स्कूल केवल आठवीं कक्षा तक मान्यता प्राप्त है और कक्षा 10 की नियमित पढ़ाई का दावा गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि वंशिका का छोटा भाई स्कूल में पढ़ता है और परिजन ओपन बोर्ड से फॉर्म भरने के संबंध में सलाह लेने आए थे। चेयरमैन ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रा के पास जो पहचान पत्र है, वह स्कूल द्वारा जारी नहीं किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश इस पूरे प्रकरण पर जिला शिक्षा अधिकारी अंशुल सिंगला ने कहा कि मामला संज्ञान में लिया गया है और विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल ने छात्रा को नियमित बताकर ओपन बोर्ड से फॉर्म भरवाया है या बिना मान्यता के कक्षा 9-10 संचालित की है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल की मान्यता, नामांकन रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल, परिवार को निर्देश दिया गया है कि छात्रा का फॉर्म हरियाणा ओपन बोर्ड श्रेणी में है तो उन्हें परीक्षा देने दिया जाये, ताकि वह परीक्षाओं में शामिल हो सके। गणित विषय का छूटा हुआ पेपर आगामी सत्र में दोबारा दे सकेंगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी अन्य विद्यार्थी के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो।
फरीदाबाद में 10वीं का पेपर नहीं दे पाई छात्रा:स्कूल पर ओपन का एडमिट जारी करने का आरोप; चेयरनमैन ने आरोपों को नकारा
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