गोरखपुर के मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर बेकाबू फॉर्च्यूनर की चपेट में आए डॉक्टर के भाई उमेश शर्मा (50) की भी देर रात एम्स में इलाज के दौरान मौत हाे गई। वह रात में शाहपुर में रहने वाली बहन से होली मिलकर स्कूटी से घर वापस आ रहे थे। रास्ते में बेकाबू
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चार मार्च होली के दिन बेकाबू फॉर्च्यूनर की टक्कर से MBBS छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद छात्र की लाश रेलिंग पर 30 मिनट तक लटकी रही थी। वहीं फॉर्च्यूनर की चपेट में आए उमेश शर्मा को एम्स में भर्ती कराया गया था।

एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय और उमेश शर्मा की हादसे में हुई मौत
डॉक्टर ने दी तहरीर
गीता वाटिका के पास रहने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार शर्मा ने शाहपुर थाने में तहरीर दी है। डॉक्टर ने बताया कि मेरे भाई प्राइवेट जॉब करते थे। उनकी पत्नी और दो बच्चे एक लड़का और लड़की है। होली के दिन बड़े भाई शाहपुर में रहने वाली बहन के घर गए थे। वहां से होली मिलकर रात करीब 9:30 बजे वह घर के लिए स्कूटी से निकले।
वह मोहद्दीपुर-कौवाबाग के पास पहुंचे थे। तभी रांग साइड से एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर लहराते हुए आई और उमेश शर्मा की गाड़ी में टक्कर मार दी। जिससे वह उड़कर रेलिंग से जाकर लड़कर गिर गए। उन्हें गंभीर चोट आई थी। घटना के बाद से ही वह कोमा में चले गए थे। मीडिया में चल रही खबरों से फॉर्च्यूनर चालक गोल्डेन साहनी का पता चला।
हादसे में एमबीबीएस छात्र की मौके पर ही हो गई थी मौत

इस तरह एमबीबीएस छात्र की फंसी थी रेलिंग में लाश
गोरखपुर में बेकाबू फॉर्च्यूनर की टक्कर से स्कूटी सवार MBBS छात्र की मौत हो गई। छात्र होली पर दोस्त के घर गया था। रात में खाना खाकर हॉस्टल जा रहा था। ओवरब्रिज पर फॉर्च्यूनर ने स्कूटी में सामने से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र हवा में उछला और 15 मीटर दूर ओवरब्रिज की रेलिंग से टकराकर औंधे मुंह लटक गया। आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और ओवरब्रिज पर भीड़ लग गई। लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने छात्र को रेलिंग से नहीं उतारा।
30 मिनट शव रेलिंग से लटका रहा। इसके बाद राहगीर की सूचना पर पुलिस पहुंची और छात्र को नीचे उतारा और जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत के बाद उसका दोस्त अस्पताल पहुंचा। शव देखकर फूट-फूटकर रोने लगा और कहने लगा डॉक्टर साहब, मेरे दोस्त को जिंदा कर दीजिए।
हादसे के बाद प्रॉपर्टी डीलर गोल्डेन साहनी फॉर्च्यूनर लेकर फरार हो गया। पुलिस ने एक घंटे बाद उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। संतकबीरनगर के रहने वाले 22 साल के आकाश पांडेय बीआरडी मेडिकल कॉलेज के MBBS थर्ड ईयर के छात्र थे। घटना बुधवार रात 10 बजे शाहपुर थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हुई। इस हादसे में आकाश पांडेय के अलावा ओवरब्रिज से गुजर रहे 50 साल के उमेश शर्मा भी गंभीर रुप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल एम्स में भर्ती कराया गया। वेंटिलेटर पर उन्हें रखा गया।
हादसे की 3 तस्वीरें देखिए-

फॉर्च्यूनर की टक्कर से स्कूटी सवार MBBS छात्र की बॉडी पुल की रेलिंग से लटक गई। करीब 30 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र को नीचे उतारकर अस्पताल ले गई।

इसी स्कूटी से छात्र जा रहा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

पुलिस ने आरोपी कार ड्राइवर गोल्डेन साहनी को गिरफ्तार कर लिया है।
होली पर दोस्त के घर से खाना खाकर हॉस्टल जा रहा था
आकाश पांडेय बुधवार को होली मनाने के बाद देर शाम दोस्त अनूप के घर गया था। वहां उसने रात का खाना खाया। रात 10 बजे वह वापस हॉस्टल जा रहा था, तभी मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हादसा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बेकाबू फॉर्च्यूनर ने तीन-चार गाड़ियों को टक्कर मार दी। दूसरी गाड़ियों में हल्की टक्कर लगी, जबकि आकाश की स्कूटी में जोरदार टक्कर हुई। उसका हेलमेट दूर जा गिरा और वह गंभीर रूप से घायल होकर रेलिंग में अटक गया।
हादसे के बाद आसपास के लोग पहुंचे, लेकिन किसी ने छात्र को अस्पताल नहीं पहुंचाया। इसी बीच, किसी राहगीर ने पुलिस को फोन कर सूचना दी। करीब 30 मिनट बाद पुलिस पहुंची और छात्र को रेलिंग से उतारा।

आरोपी खुद को निषाद पार्टी से जुड़ा बताता है। इतना ही नहीं, वह खुद को भावी ब्लॉक प्रमुख भी बताता है। यह तस्वीर उसने अपने फेसबुक पर लगा रखी है।
साथी डॉक्टरों ने अस्पताल में हंगामा किया एंबुलेंस से उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की सूचना मिलते ही साथी डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे। अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर डॉक्टरों को शांत कराया।
दोस्त फूट-फूटकर रोया आकाश पांडेय की मौत की जानकारी मिलते ही उसका दोस्त अनूप मौके पर पहुंचा। अनूप फूट-फूटकर रोने लगा। वह बोला- अभी तो यह मेरे घर से खाना खाकर निकला था। डॉक्टर साहब, प्लीज आप तो डॉक्टर हैं, मेरे दोस्त को जिंदा कर दीजिए। वहां मौजूद दूसरे लोगों ने उसे दिलासा देकर संभाला।

आरोपी गोल्डेन साहनी निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद का करीबी है। वह उन्हें फूफा कहता है। उसकी फेसबुक पोस्ट पर यह सेल्फी चर्चा में है, जिसे खुद कैबिनेट मंत्री ने लिया है।
पुलिस ने एक घंटे बाद ड्राइवर को पकड़ा हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई। घटना स्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी लेने के बाद वायरलेस से दूसरे थानों को सूचना दी गई। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने उस काली फॉर्च्यूनर को ढूंढ निकाला, जिससे हादसा हुआ था। उसके ड्राइवर गोल्डेन साहनी को भी पकड़ लिया गया। गाड़ी उसी के नाम पर दर्ज है।

यह MBBS छात्र आकाश पांडेय की फाइल फोटो है। फॉर्च्यूनर की टक्कर से उसकी मौत हो गई।
माता-पिता का इकलौता बेटा था आकाश पांडेय संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंघवा थाना क्षेत्र के बरगदवां माफी वार्ड नंबर 10 का निवासी था। पिता देवेंद्र नाथ पांडेय की टेंट की दुकान है। आकाश की मां लीलावती देवी हाउस वाइफ हैं। आकाश मां-बाप के इकलौते बेटे थे। वह शुरू से ही पढ़ने में बहुत तेज थे।
मौत की सूचना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार और रिश्तेदार बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंच रहा है। यहां पर दोपहर बाद आकाश के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

बेटे आकाश की मौत की जानकारी पर पहुंचे पिता देवेंद्र नाथ पांडेय पोस्टमार्टम हाउस में गुमसुम बैठे रहे।
BRD में MBBS छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च

सड़क हादसे में जान गंवाने वाले MBBS छात्र आकाश पांडेय को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी।
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले MBBS छात्र आकाश पांडेय को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में साथियों, इंटर्न डॉक्टरों और अन्य छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी। गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज परिसर में जुटे और हाथों में कैंडल लेकर शांतिपूर्ण मार्च किया।
कैंडल मार्च में शामिल छात्रों ने कहा कि हादसे के आरोपी गोल्डी साहनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रों का कहना था कि लापरवाही से वाहन चलाने के कारण एक छात्र की जान चली गई।