लुधियाना में लाडोवाल टोल फ्री कराने का ऐलान:केंद्रीय मंत्री शाह का पुतला जलाएंगे किसान, सरकार को दी चेतावनी

Actionpunjab
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लुधियाना भारतीय किसान मजदूर यूनियन (पंजाब) ने आज अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान मजदूर मोर्चा (चैप्टर पंजाब) के की ओर से आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विरोध किया जा रहा है। इसी कड़ी में लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर यूनियन के कार्यकर्ताओं की ओर से अमित शाह का पुतला भी फूंकना है। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं बल्कि हर आम नागरिक की कॉमन लड़ाई है। आज दिन भर प्रदर्शन के चलते किसानों का लक्ष्य टोल प्लाजा को पूरी तरह से फ्री करवाना है। सड़कों पर क्यों उतरे किसान? यूनियन के नेताओं ने इस विरोध प्रदर्शन के पीछे तीन प्रमुख स्थानीय और प्रशासनिक विफलताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि हल्का साहनेवाल के ससराली गांव में बना डैम सफेद हाथी साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि इसका उद्घाटन खुद मंत्री और DC ने बड़े तामझाम के साथ किया था। लेकिन हकीकत यह है कि अभी तक इसका टेंडर ही नहीं हुआ है। टेंडर न होने के कारण डैम का काम नहीं चल रहा, जिससे फसलों की सिंचाई और जल प्रबंधन ठप पड़ा है। राहों रोड की खस्ताहाल स्थिति को लेकर किसान लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं। अधिकारियों को डिमांड लेटर दिए गए, प्रोटेस्ट हुए, लेकिन सड़क निर्माण का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। किसानों ने सड़क के बीचों-बीच खड़ी होने वाली गाड़ियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है जिस पर प्रशासन मौन है। पिछली बार के आंदोलन से सबक लेते हुए स्थानीय यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और टोल अधिकारियों की चालाकी नहीं चलने देंगे गौरतलब है कि पिछली बार जब किसानों ने धरना खत्म किया था तो उसके बाद रात को उन लोगों के मोबाइल पर टोल कटने के मैसेज आए थे, जिन्होंने ‘फ्री’ के दौरान वहां से क्रॉस किया था। किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि हम इस बार प्रशासन और टोल अधिकारियों की चालाकी नहीं चलने देंगे। जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, टोल फ्री रहेगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बाद में किसी भी वाहन चालक का पैसा न कटे। प्रशासनिक अमला अलर्ट पर लाडोवाल टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसान नेताओं ने साफ कहा है कि अगर आज भी उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और भी तीखा रूप अख्तियार करेगा।

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